सुषमा के स्नेहिल सृजन

credit - Social media

महर्षि वाल्मीकि

महर्षि वाल्मीकि

credit - Social media

महर्षि वाल्मीकि को मुख्य तौर से रामायण महाकाव्य के रचयिता के रूप में जाना जाता है

महर्षि वाल्मीकि

credit - Social media

वाल्मीकि जी को उनकी विद्वता और तप के कारण महर्षि की पदवी प्राप्त हुई थी

महर्षि वाल्मीकि

credit - Social media

मार्ग सदा अपनाइए, मर्यादा संस्कार। सीख सिखाते पर्व हैं, अहंकार की हार।।

महर्षि वाल्मीकि

credit - Social media

कितना भी साम्यर्थ हो, करना मत अभिमान। त्रेता युग से सीखिए, आता है अवसान।।

महर्षि वाल्मीकि

credit - Social media

कितना भी साम्यर्थ हो, करना मत अभिमान। त्रेता युग से सीखिए, आता है अवसान।।

महर्षि वाल्मीकि

credit - Social media

’सुषमा’ सुमिरन कीजिए, राम नाम सुख सार। द्वेष दंभ पाखंड से, नहीं जगत उद्धार।।

 ”सुषमा प्रेम पटेल (रायपुर छ.ग.)

लेखिका 

credit - Social media