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विट्ठल अवतार की कथा l

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क्या आप जानते हैं कि एक साधारण ईंट ने भगवान विष्णु को हमेशा के लिए पंढरपुर में रोक दिया?

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महाराष्ट्र में पूजनीय भगवान विट्ठल, जिन्हें विठोबा या पांडुरंग के नाम से भी जाना जाता है, भगवान विष्णु के अवतार माने जाते हैं।

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महाराष्ट्र में पूजनीय भगवान विट्ठल, जिन्हें विठोबा या पांडुरंग के नाम से भी जाना जाता है, भगवान विष्णु के अवतार माने जाते हैं।

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शुरू में वह अपने माता-पिता की सेवा को नज़रअंदाज करता था, लेकिन बाद में उसने उनकी सेवा में अपना जीवन समर्पित कर दिया।

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पुण्डलिक की भक्ति इतनी गहरी थी कि भगवान विष्णु स्वयं उनसे मिलने आए। लेकिन पुण्डलिक अपने माता-पिता की सेवा में व्यस्त थे।

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पुण्डलिक ने भगवान से कहा, "आप इस ईंट (विट) पर खड़े हो जाइए, जब तक मैं माता-पिता की सेवा कर रहा हूं।

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पुण्डलिक की भक्ति से प्रभावित होकर, भगवान ने उसी ईंट पर खड़े रहकर हमेशा के लिए वहां रहने का निर्णय लिया।

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भगवान विष्णु ने पुण्डलिक से वादा किया कि वे हमेशा वहीं रहेंगे, और तब से वे विठोबा के रूप में पूजे जाते हैं, जो ईंट पर खड़े होकर अपने भक्तों को आशीर्वाद देते हैं।

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पंढरपुर, महाराष्ट्र में स्थित विठोबा मंदिर, आज भी लाखों भक्तों की आस्था का केंद्र है, जहाँ हर साल बड़ी संख्या में लोग भगवान विठोबा का आशीर्वाद लेने आते हैं।