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World autism day : आटिज्म सामाजिक संपर्क को प्रभावित वाला विकार

world autism day : आटिज्म सामाजिक संपर्क को प्रभावित वाला विकार

आटिज्म (स्वलीनता) मस्तिष्क विकास के दौरान होने यह व्यक्ति के सामाजिक संपर्क को प्रभावित वाला विकार है व्यवहार और करता है। हिन्दी में इसे आत्मविमोह और स्वपरायणता भी कहते हैं आटिज्म से पीडित बच्चो में दिखते हैं. ये लक्षण –

हद से ज्यादा जिल्छी
चीजों को बार- बार घुमाना
बच्चों की लोगों में रुचि न होना
पंजो के बल चलना
खतरों को लगातार नजर अंदाज करना
खिलौनों को एक लाइन में सजाना
नींद अनि में परेशानी
ज्यातर अकेले खेलना
हाइपर एक्टिव होना
आवाज से परेशान होना
गुमसुम और चुप रहना
ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर, एक विकासात्मक विकलांगता है।

एसडी से पीडित लोगों के सीखने आगे बढने भी या ध्यान देने के तरीके अलग – अलग हो सकते हैं। यह एक विकास संबंधी गडबडी है, जिससे पीबदक व्यक्ती को समाज परेशानिया अती हैं।. में मेलजोल बनाने में ऑटिज्म कोई इमेकींग का पता लगाने के लिए या लेबोरेट्री टेस्ट नहीं हैं। बच्चा जब उसके विटेवियर से पता 3 साल का और चलता है। हो जाता है तब स्किल्स ऑटिज्म की पुष्टि के लिए बच्चे की सुनने और आंखो की क्षमता T का मेडिकल ऑटिज्म 19 जल्दी उपाय शुरु करने से बच्चे के व्यवहार, सीखने – बोलने की क्षमता में सुधार किए इसमें आटिज्म डॉक्टर 1 डेवलपमेंटल का जा सकते हैं।. इलाज પીવોડ થાય आक्युपेशनल थेरेपिस्ट स्पीच थेरेपिस्ट 1 बच्चों के न्यूरोलॉजिस्त, फिजीयोथेरेपिस्त स्पेशल एजुकेटर के टीम वर्क से किया जाता है। डॉ नेहा अग्रवाल, फिजीयोथेरेपिस्ट, व Sensory and neurodevelopmental therapist @Blue Bird children’s hospital का यह कहना है की ठीक पर काम किया जाए तरह से इन थेरेपी तो कुछ हद बच्चा ठीक हो जाता है । येरेपी यही उद्देश्य है की बच्चे से उसकी में बात पूरी ब तक का भाषा और उसके दिमाग को तरहा जाग्रत किया। ऑटिज्म से ग्रसित बच्चे कई कलाओं मैं निपुण भी हो सकते है।

DR. Neha Agrawal (PT)
Physiotherapist Sensory and Neurodevelopmental”
therapist Blue Bird Children’s hospital.

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