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ग्रामीण क्षेत्रों में कैंसर की जांच के लिए बनेगी कार्य योजना

ग्रामीण क्षेत्रों में कैंसर की जांच के लिए बनेगी कार्य योजना

भारत सरकार (जीओआई) ने प्रमुख गैर संचारी रोग (एनसीडी‌) (उच्च रक्तचाप, मधुमेह, हृदय रोग, कैंसर, स्ट्रोक, गंभीर किडनी रोग, सीओपीडी/अस्थमा, गैर-अल्कोहल फैटी लिवर रोग, आदि) को रोकने और नियंत्रित करने के उद्देश्य से वर्ष 2010 से सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में गैर-संचारी रोगों की रोकथाम और नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम (एनपी-एनसीडी) लागू किया है।

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यह कार्यक्रम बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, मानव संसाधन विकास, स्वास्थ्य संवर्धन, शीघ्र निदान, प्रबंधन और रेफरल पर केंद्रित है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के गैर-संचारी रोगों की रोकथाम और नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम (एनपी-एनसीडी) घटक के अंतर्गत, जिला स्तर पर 753 गैर संचारी रोग (एनसीडी) क्लीनिक, जिला स्तर पर 356 डे केयर सेंटर और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) स्तर पर 6238 गैर संचारी रोग (एनसीडी) क्लीनिक स्थापित किए गए हैं। गैर संचारी रोग (एनसीडी) की रोकथाम और प्रारंभिक पहचान के लिए जागरूकता जिला और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) स्तरों पर गैर संचारी रोग (एनसीडी) क्लीनिकों के माध्यम से सभी स्तरों पर की जाती है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत और व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल के भाग के रूप में देश भर में तीन सामान्य कैंसर सहित आम गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) की रोकथाम, नियंत्रण और जांच के लिए जनसंख्या-आधारित पहल शुरू की गई है। इस पहल के अंतर्गत, 30 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों को सामान्य गैर संचारी रोग (एनसीडी) यानी मधुमेह, उच्च रक्तचाप और तीन सामान्य कैंसर यानी मौखिक, स्तन और गर्भाशय ग्रीवा की जांच के लिए लक्षित किया जाता है। इन सामान्य गैर संचारी रोग (एनसीडी) और कैंसर की जांच आयुष्मान भारत – आयुष्मान आरोग्य मंदिर के अंतर्गत सेवा वितरण का एक अभिन्न अंग है। भारत ने 29 जुलाई, 2024 तक, 173,827 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों (एएएम) का संचालन किया है। राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के अनुसार संचालित आयुष्मान आरोग्य मंदिरों (एएएम) की सूची अनुलग्नक में संलग्न है।

भारत सरकार मानव संसाधन विकास के लिए राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को तकनीकी और वित्तीय सहायता प्रदान करती है, जिसमें बेहतर कार्यक्रम निष्पादन के लिए उनके कार्यक्रम कार्यान्वयन योजनाओं (पीआईपी) के आधार पर स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों को प्रशिक्षण देना शामिल है। 10 मई, 2024 तक, कुल 1,404,819 प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा कर्मियों, जिनमें चिकित्सा अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ), स्टाफ नर्स, बहुउद्देश्यीय कार्यकर्ता (एमपीडब्ल्यू) और मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता (आशा) शामिल हैं, को सामान्य गैर संचारी रोग (एनसीडी) की जांच करने, जागरूकता बढ़ाने, स्वस्थ जीवन शैली को प्रोत्साहन देने और प्रारंभिक पहचान तथा जांच पहलों के लिए रेफरल की सुविधा प्रदान करने में अपने कौशल को बढ़ाने के लिए प्रशिक्षित किया गया है।

 

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