
श्री दावड़ा विश्वविद्यालय की महानिदेशक डॉ. चार्मी दावड़ा का राजभवन में सम्मान
श्री दावड़ा विश्वविद्यालय की महानिदेशक डॉ. चार्मी दावड़ा का राजभवन में सम्मान
रायपुर। एक भारत श्रेष्ठ भारत” कार्यक्रम के तहत बिहार, ओडिशा, गुजरात, तेलंगाना और सिक्किम राज्यों के स्थापना दिवस के अवसर पर राजभवन में 9 जुलाई 2024 को आयोजित कार्यक्रम में श्री दावड़ा विश्वविद्यालय की महानिदेशक डॉ. चार्मी दावड़ा ने गुजराती समाज के प्रतिनिधि के रूप में हिस्सा लिया । इस अवसर पर माननीय राज्यपाल हरिचंदन ने इन विभिन्न राज्यों की विशेषताओं को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि बुद्ध और महावीर की भूमि बिहार ने मानव जाति को शांति और अहिंसा का संदेश दिया। शिक्षा के केंद्र नालंदा ने हमारे ज्ञान और संस्कृति को एक नया आयाम दिया है। छत्तीसगड़िया और उड़िया भाई-भाई हैं और दोनों राज्यों की संस्कृति एक-दूसरे से मिलती-जुलती है। पश्चिमी ओडिशा का छत्तीसगढ़ के साथ सांस्कृतिक जुड़ाव और सामाजिक सद्भाव है। संबलपुरी कपड़ा और संगीत छत्तीसगढ़ के जीवन का हिस्सा बन गया है और लगभग 30 लाख उड़िया लोग छत्तीसगढ़ में रहते हैं तथा राज्य के विकास में
योगदान दे रहे हैं। राज्यपाल ने कहा कि गुजरात पश्चिमी भारत का गहना है। यह व्यापार और बाणिज्य का सबसे बड़ा केन्द्र है। राज्य ने सदियों से अपने प्राचीन इतिहास, संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित रखा है। अपने त्योहारों, पहनावे और भाषा से लेकर उनके उत्सवों और स्वादिष्ट भोजन तक, गुजरात आश्चर्यजनक रूप से अपनी जीवंत संस्कृति का प्रतिनिधित्व करता है। तेलंगाना अपने विविध इतिहास और विरासत के साथ नवाचार का संगम है। भारत का सबसे युवा यह राज्य, दक्षिण और उत्तर की दो संस्कृतियों का मिश्रण है। सिक्किम अपनी प्राकृतिक सुंदरता और संपदा के साथ-साथ शांति और सद्भाव का प्रतीक है।
श्री दावड़ा विश्वविद्यालय की महानिदेशक डॉ. चार्मी दावड़ा ने छत्तीसगढ़ राज्य में निवासरत गुजराती समाज का प्रतिनिधित्व करते हुए गुजराती समाज की गतिविधियों एवं राज्य के विकास में गुजराती समाज की भूमिका पर प्रकाश डाला |
इस अवसर पर श्री दावडा विश्वविद्यालय की प्रायोजक समिति मानव रचना एजुकेशन सोसाइटी के अध्यक्ष श्री प्रकाश दावडा एवं श्री दावडा विश्वविद्यालय महानिदेशक डॉ. चार्मी दावड़ा ने राज्यपाल को गुजरात के पारंपरिक बस्त्र भेंट किये | राज्यपाल ने डॉ. चार्मी दावड़ा को राजकीय गमछा भेंट कर एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया |
