छत्तीसगढ़

बच्चों को बाहर भेजिए, सीखने की क्षमता बढ़ेगी

बच्चों को बाहर भेजिए, सीखने की क्षमता बढ़ेगी

– क्विज और भाषण प्रतियोगिता में बोले आईएएस कावरे

रायपुर। संविधान की प्रति खरीदकर घर में रखने से कुछ नहीं होगा बल्कि अपने बच्चों को इसकी अहमियत बतानी होगी। समाज में आज भी अंधविश्वास, कुरुतियां और पाखंड फैला हुआ है। जबकि संविधान की रोशनी में इन सभी का कोई महत्त्व नहीं है। यह कहा आईएएस महादेव कावरे ने। वे वृंदावन हॉल में यूनिटी फॉर सोशल जस्टिस की ओर से आयोजित अंबेडकर जयंती मौके पर बोल रहे थे। कावरे ने मौजूद युवाओं से कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता और मेहनत का कोई तोड़ नहीं। इसलिए मेहनत जारी रखें। पैरेंट्स से कहा कि अपने बच्चों को पढऩे या किसी हुनर को सीखने के लिए बाहर भेजें। इससे बच्चे में आत्मविश्वास बढ़ता है और सीखने की क्षमता विकसित होती है। साथ ही वह दुनियादारी भी सीखता है। कार्यक्रम में ने भी अपनी बात रखी। अन्य अतिथियों में रविवि बॉयोटेक्नोलॉजी के डीन एसके जाधव, लॉ के प्रोफेसर वेणुधर रौतिया, औद्योगिक न्यायालय के न्यायाधीश एसएल मात्रे ,पीएनबी के एजीएम एलआर लुहा, बीएसएनएल के रिटायर्ड डीजीएम बीबी बोंद्रे आदि ने भी अपने विचार रखे।

ये रहे विनर
संस्था के फाउंडर जन्मेजय सोना ने बताया कि भाषण में प्रथम हर्षनेश रहे। द्वितीय फिजा अली और तीसरे स्थान पर मनीष सिंह कश्यप रहे। क्विज में खुश सहारे अव्वल रहीं। दूसरे स्थान पर पूजा साहू और तृतीय अफान रजा।

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