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जब सायरा बानो पर भारी पड़ा अमीर घराने के लड़के का मजाक, 61 साल पहले ऐसे बनी थीं अप्रैल फूल , जानें क्या है अप्रैल फूल की कहानी

मार्च जा चुका है और अब अप्रैल भी आ गया है। हर साल के अप्रैल की पहली तारीख को अक्सर आपके जानने-पहचानने वाले कुछ ऐसे मजाक करते हैं, जिस पर हंसी आ जाती है। ऐसे ही 61 साल पहले दिग्गज अभिनेत्री सायरा बानो भी अप्रैल फूल बन गई थीं। क्या है पूरा किस्सा चलिए बताते हैं।

61 साल पहले आई थी प्रैंक वाली ये फिल्म।

‘अप्रैल फूल बनाया, तो उनको गुस्सा आया’… अप्रैल की पहली तारीख आते ही ये गाना दिमाग में ना आए ऐसा कैसे हो सकता है। अप्रैल की पहली तारीख को अप्रैल फूल डे भी कहते हैं। इस दिन को लोग हल्के-फुल्के अंदाज में मनाते हैं। अपने जानने वालों का दिल बहलाने के लिए कुछ मजाक करते हैं और उन्हें बुद्धू बनाने की कोशिश करते हैं। 61 साल पहले सायरा बानो को भी एक अमीर घराने के एक लड़के ने जबरदस्त अप्रैल फूल बनाया था। दरअसल, लगभग 60 साल पहले सायरा बानो और बिस्वजीत स्टारर कॉमेडी-ड्रामा ‘अप्रैल फूल’ सिनेमाघरों में आई तो खूब पसंद की गई थी। जिसमें बिस्वजीत, सायरा बानो को अप्रैल फूल बनाते हैं।

सायरा बानो और बिस्वजीत की ‘अप्रैल फूल’
अप्रैल फूल की कहानी एक मजाक पर बनी फिल्म है, जिसकी कहानी हो या कलाकार खूब पसंद किए गए थे। फिल्म के गानों को भी दर्शकों के बीच खूब पसंद किया गया। ये फिल्म साल 1964 में रिलीज हुई थी जो एक रोमांटिक-कॉमेडी थी और इसका निर्देशन सुबोध मुखर्जी ने किया था। यही नहीं फिल्म के निर्माण और कहानी भी सुबोध मुखर्जी ने लिखी थी। फिल्म में सायरा बानो और बिस्वजीत मुख्य भूमिकाओं में नजर आए थे।

खूब पॉपुलर हुआ था फिल्म का गाना
फिल्म का संगीत कर-जय किशन ने तैयार किया था और गीत लिखे थे हसरत जयपुरी ने। वैसे तो इस फिल्म के सारे ही गाने पॉपुलर हुए, लेकिन अप्रैल की पहली तारीख आते ही ‘अप्रैल फूल मनाया तो, उनको गुस्सा आया’ आज भी लोग गुनगुनाने लगते हैं। इसके अलावा फिल्म के’आ गले लग जा, मेरे सपने मेरे अपने’, ‘मेरी मोहब्बत पाक मोहब्बत’ जैसे गानों को भी खूब पसंद किया गया।

अप्रैल फूल की कहानी
फिल्म की कहानी की बात करें तो ‘अशोक’ (बिस्वजीत) एक अमीर परिवार का लड़का होता है, जो आलसी और मजाकिया है। उसे मजाक करना इतना पसंद होता है कि वह अपने दोस्तों, घरवालों से हमेशा हंसी-मजाक करता रहता है। अपने पसंदीदा दिन अप्रैल फूल्स डे पर वह अपने दोस्तों से शर्त लगाता है कि वह मधू (सायरा बानो) से दोस्ती करके दिखाएगा। शर्त-शर्त में अशोक की मधु से दोस्ती हो जाती है और वह उसके प्यार में पड़ जाता है। लेकिन, उसकी ये शरारत उसके साथ-साथ मधु पर भारी पड़ जाती है। दोनों एक अंतर्राष्ट्रीय गिरोह के चक्कर में फंस जाते हैं। फिल्म में बिस्वजीत और सायरा बानो के साथ-साथ आईएस जोहर, नाजिमा, राम अवतार, सज्जन, राजन, जयंत, शिवराज और चांद उस्मानी जैसे कलाकार भी नजर आए थे।

 

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