ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के तहत रायपुर में सफाई व्यवस्था होगी अधिक पारदर्शी और परिणाम आधारित : आयुक्त संबित मिश्रा

रायपुर। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ रायपुर नगर निगम द्वारा सफाई व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और परिणाम आधारित बनाने के लिए व्यापक बदलाव किए जा रहे हैं। पत्र सूचना कार्यालय, रायपुर द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा ने नए नियमों के प्रमुख प्रावधानों और तैयारियों की जानकारी दी।
आयुक्त श्री मिश्रा ने बताया कि आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के तहत PRAGATI-50 के अंतर्गत देश के 50 शहरों का चयन किया गया है, जहां स्वच्छता प्रत्यक्ष रूप से दिखाई दे। छत्तीसगढ़ से रायपुर और बिलासपुर इनमें शामिल हैं। रायपुर को विश्वस्तरीय शहर बनाने के लिए नियमित सफाई से आगे बढ़कर परिणाम देने वाली प्रणाली विकसित की जा रही है।
श्री मिश्रा ने बताया कि नए नियमों में स्रोत पर कचरे के पृथक्करण को व्यापक बनाया गया है। अब गीले-सूखे के साथ सैनिटरी कचरा (डायपर, सैनिटरी पैड) और विशेष देखभाल वाला कचरा (बैटरी, बल्ब, ट्यूब लाइट, पारा थर्मामीटर) को भी अलग रखना अनिवार्य होगा। उन्होंने नागरिकों से इसे दैनिक आदत बनाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि बड़े आवासीय परिसर, मॉल, वाणिज्यिक परिसर, हॉस्टल और कॉलेज जैसे बड़े कचरा उत्पादकों की जिम्मेदारी बढ़ाई गई है। ऐसे परिसरों में गीले कचरे का कंपोस्टिंग या बायोमिथेनेशन द्वारा परिसर में ही प्रसंस्करण करना होगा तथा अपशिष्ट जल के पुन: उपयोग के लिए एसटीपी का उपयोग करना होगा। सभी हितधारकों को अनुपालन की जानकारी ऑनलाइन दर्ज करनी होगी।
श्री मिश्रा ने बताया कि अब वार्ड स्तर पर मानवबल आधारित व्यवस्था के स्थान पर शहर को चार क्लस्टर में बांटकर बीट आधारित प्रदर्शन प्रणाली लागू होगी। सड़क, नाला, उद्यान, तालाब के लिए अलग-अलग बीट बनेंगी। उदाहरण के लिए एक किलोमीटर सड़क या एक उद्यान एक बीट होगी। एजेंसी मानवबल या मशीन से कैसे भी सफाई करे, परिणाम महत्वपूर्ण होगा। प्रत्येक बीट की सफाई से पहले और बाद की फोटो प्रतिदिन डिजिटल पोर्टल पर अपलोड होगी। 5,000 से अधिक बीट की निगरानी के लिए केंद्रीय नियंत्रण केंद्र बनेगा और भुगतान प्रदर्शन के आधार पर होगा, कमी पर कटौती की जाएगी।
उन्होंने बताया कि कचरा संग्रहण वाहनों के रूट और समय को पूरी तरह डिजिटल किया जाएगा। निर्धारित रूट या समय में विचलन पर सिस्टम में तत्काल फ्लैग आएगा। नागरिकों के लिए डिजिटल शिकायत प्रणाली भी विकसित की जा रही है।
आयुक्त ने बताया कि रायपुर में कचरा प्रसंस्करण के लिए पर्याप्त क्षमता है और सरोना की पुरानी डंप साइट का रेमेडिएशन हो चुका है। नई निगरानी व्यवस्था से सफाई में सुधार होगा।
उन्होंने नागरिकों से स्वच्छता ही सेवा अभियान में भाग लेने और स्रोत पर कचरा पृथक्करण को अपनाने की अपील की। प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपर आयुक्त श्री विनोद पांडे एवं उपायुक्त श्री जसदेव सिंह बाबरा उपस्थित रहे।

