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होली पर केमिकल वाले रंग कैसे पहचानें, खरीदने से पहले जान लें ये 7 आसान तरीके

भारत के सबसे प्रमुख त्योहारों में से होली भी है। पूरे देश में लोग इस रंग के उत्सव को बड़े ही धूमधाम से मनाते हैं। यह एकता का त्योहार है जहां लोग आपसी मतभेदों को भुलाकर एक दूसरे को गुलाल लगाते हैं। लेकिन आजकल मार्केट में केमिकल वाले रंग भी आने लगे हैं जो त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसे में हर्बल और नेचुरल रंगों का ही इस्तेमाल करना चाहिए जिससे स्किन को कोई नुकसान न पहुंचे। कुछ तरीके हैं जिनकी मदद से केमिकल वाले रंगों की पहचान कर सकते हैं।

1- गंध से करें पहचान
अगर रंग से तेज और अजीब गंध आ रहा है तो इसमें हानिकारक केमिकल मिला हो सकता है। रंगों में डीजल, केरोसिन और अन्य कई तरह के केमिकल मिलाए जाते हैं। प्राकृतिक रंगों में कई खास गंध नहीं होती है। ऐसे में सूंघकर इसकी शुद्धता की पहचान कर सकते हैं।

2- पानी में डालकर करें पहचान
पानी में घोलकर कर भी असली रंग की पहचान कर सकते हैं। प्राकृतिक रंग पानी में जल्दी घुल जाते हैं और हल्का रंग छोड़ते हैं। वहीं, केमिकल वाले रंग जम जाते हैं और पानी में तेल की तरह पर परत जम जाती है।

3- पैकेजिंग से करें पता
पैकेजिंग के जरिए भी असली और नकली रंग का पता कर सकते हैं। ज्यादातर प्राकृतिक और ऑर्गेनिक रंग हल्के और सूक्ष्म पैकेजिंग में आते हैं। वहीं, केमिकल वाले रंगों की पैकेजिंग ज्यादा आकर्षक और चमकदार हो सकती है।

4- रगड़कर कर सकते हैं पता
प्राकृतिक रंग को हाथ पर रगड़ने के बाद यह आसानी से हट जाता है और कोई दाग नहीं छोड़ता। वहीं, मिलावटी रंग स्किन पर चिपक सकता है और छुड़ाने के बाद लाल, हरा या नीला दाग छोड़ सकता है।

5- टेक्सचर से पता करें
केमिकल वाले रंग का टेक्सचर ज्यादा महीन और चिकनी होती है। साथ ही ज्यादा चमकदार और पाउडर जैसा रंग मिलावटी हो सकता है। वहीं, प्राकृतिक रंग मुख्यतः हल्के और हल्की मोटी बनावट वाले होते हैं।

6- स्किन और बालों पर छोड़ते हैं ऐसा असर
केमिकल वाले रंग जब स्किन पर लगते हैं तो जलन, खुजली या फिर लाल चकत्ते जैसी समस्याएं हो सकती हैं। साथ ही बालों में चिपचिपापन और रूखेपन की भी समस्या हो सकती है।

7- अधिक मिलावटी होते हैं ये रंग
सबसे अधिक मिलावटी हरा रंग को माना जाता है। इसमें कॉपर सल्फेट का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे आंखों में एलर्जी की समस्या हो सकती हैं। वहीं, गुलाबी रंग बनाने में सिंथेटिक दाना, फिटकरी, नमक और यूरिया का इस्तेमाल किया जाता है जो त्वचा के लिए हानिकारक होता है। लाल रंग में भी इसी तरह के केमिकल मिलाए जाते हैं जो त्वचा के साथ आंखों के लिए भी हानिकारक हो सकते हैं।

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