P-टाइप या N-टाइप? कौन सा सोलर पैनल है बेहतर? छत पर लगाने से पहले समझें पूरा गणित

सोलर पैनल आजकल बिजली का नया और लोकप्रिय स्त्रोत बनकर उभरा है। सरकार के सोलर मिशन की वजह से पारंपरिक पावरग्रिड का लोड सोलर पैनल से पैदा होने बिजली की वजह से कम हो रहा है। यही कारण है कि लोग अपने घर की छतों पर सोलर पैनल लगा रहे हैं, ताकि बिजली का बिल न के बराबर आए। हालांकि, सोलर सिस्टम लगाने का खर्च ज्यादा आता है, जिसकी वजह से सरकार इस पर सब्सिडी भी दे रही है। अगर, आप भी अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगाना चाहते हैं तो इसके टाइप और क्षमता के बारे में आपको पता होना चाहिए।
P-टाइप और N-टाइप सोलर पैनल
इन दिनों मार्केट में दो तरह- P टाइप और N- टाइप के सोलर पैनल उपलब्ध हैं। ये दोनों ही पैनल अलग-अलग टेक्नोलॉजी पर काम करती हैं, जिसकी वजह से इनकी कीमत और क्षमता में अंतर है। इन दोनों पैनल में से आपको किसका चुनाव करना चाहिए, इसके बारे में जानते हैं….
P- टाइप सोलर पैनल में सिलिकन और बोरॉन के बीच केमिकल रिएक्शन होता है, जिसकी वजह से इलेक्ट्रिसिटी जेनरेट होती है। यह सोलर पैनल आपको बाजार में आसानी से मिल जाएगा। वहीं, N टाइप सोलर पैनल में सिलिकन के साथ फास्फोरस का केमिकल रिएक्शन होता है। ये सोलर पैनल आसानी से नहीं मिलते हैं। केवल कुछ चुनिंदा कंपनियां ही N- टाइप का सोलर पैनल बनाती हैं।

