छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में खेल क्रांति की नई उड़ान, CM विष्णुदेव साय के नेतृत्व में युवाओं के सपनों को मिल रहा मंच

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी सोच, मजबूत इच्छाशक्ति और युवाओं के प्रति अटूट विश्वास के साथ छत्तीसगढ़ आज तेजी से खेल जगत में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है. उनके कुशल नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में खेल एक गतिविधि के अलावा युवा सशक्तिकरण और सामाजिक विकास का सशक्त माध्यम बन चुका है. प्रदेश की साय सरकार द्वारा प्रारंभ किया गया ‘मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन’ इस दिशा में उठाया गया एक मज़बूत कदम साबित हो रहा है.

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खेल अधोसंरचना से उभरती प्रतिभाओं से छत्तीसगढ़ की नई खेल क्रांति

खेल अधोसंरचना और खिलाड़ियों के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री साय ने वर्तमान बजट में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान दिया है. इस राशि से आवश्यक भवन निर्माण के साथ खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण और उत्कृष्ट अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे. इन प्रयासों का सुपरिणाम है कि प्रदेश में खेलों के लिए एक सशक्त और समग्र इकोसिस्टम विकसित हो रहा है.

मुख्यमंत्री साय की पहल का सबसे उल्लेखनीय पहलू यह है कि उन्होंने प्रदेश की प्रतिभाओं को पहचान देने के साथ-साथ उन्हें सम्मान और अवसर भी प्रदान किया है. 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों को शासकीय सेवाओं में नियुक्ति देने का मुख्यमंत्री का निर्णय इस बात का स्वयं प्रमाण है कि सरकार राज्य की खेल प्रतिभाओं को न केवल सराहती है बल्कि उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए भी ठोस कदम भी उठाती है. राष्ट्रमंडल खेलों की रजत पदक जीत कर लाने वाली ज्ञानेश्वरी यादव को 30 लाख रुपये के पुरस्कार के साथ ‘आउट ऑफ टर्न’ डीएसपी पद पर नियुक्ति देना पूरे राज्य के खिलाड़ियों के लिए एक बड़ा सम्मान है.

बस्तर, सरगुजा ओलंपिक और ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ दे रही खेल प्रतिभाओं को नया मंच

खेलों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में बस्तर ओलंपिक और सरगुजा ओलंपिक जैसे अभिनव आयोजनों की शुरुआत की गई है. इन शानदार आयोजनों ने दूरस्थ और आदिवासी अंचलों में छिपी प्रतिभाओं को सामने लाने का काम बखूबी किया है. प्रदेश में पहली बार आयोजित ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ ने भी यह साबित कर दिया कि छत्तीसगढ़ में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है बस उसे सही मंच, प्रोत्साहन और मार्गदर्शन की आवश्यकता है.

राज्य की बेटियों की उपलब्धियों पर गर्व करती है छत्तीसगढ़ की साय सरकार

महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी मुख्यमंत्री साय के सोच की देश भर मे सराहना की गई है. भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथेरेपिस्ट और छत्तीसगढ़ की बेटी आकांक्षा सत्यवंशी को सम्मानित करते हुए उन्हें टाटा सिएरा कार उपहार में देकर इस बात को अच्छी तरह से स्थापित किया गया है कि राज्य सरकार अपनी बेटियों की उपलब्धियों पर गर्व करती है. मुख्यमंत्री का यह संदेश कि “हमारी बेटियां देश का गौरव बढ़ा रही हैं” उनका यह प्रेरणादायी संदेश समाज में सकारात्मक बदलाव का संकेत भी देता है.

खेल अधोसंरचना का हो रहा भूतपूर्व विकास

छत्तीसगढ़ में खेल अधोसंरचना के विकास की गति भी उल्लेखनीय और अभूतपूर्व है. 150 करोड़ रुपये से अधिक लागत के विभिन्न खेल परियोजनाएं और स्टेडियम तेजी से प्रगति पर हैं. जशपुर जिले में अत्याधुनिक तीरंदाजी अकादमी का निर्माण, कुनकुरी में इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, बगीचा में इंडोर बैडमिंटन स्टेडियम, मयाली में एडवेंचर स्पोर्ट्स और घोलेंग में फुटबॉल स्टेडियम जैसे प्रोजेक्ट यह दर्शाते हैं कि सरकार ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में समान रूप से खेल सुविधाएं विकसित कर रही है.

खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने की कोशिश

जशपुर जिले में पहाड़ी कोरवा जनजाति की प्राकृतिक तीरंदाजी प्रतिभा को पहचान कर उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने की कोशिश मुख्यमंत्री साय की संवेदनशील और दूरदर्शी सोच को दर्शाती है. यह खेल विकास, परंपरा और आधुनिकता के समन्वय का उत्तम उदाहरण है.

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स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव से बन रही प्रभावी खेल नीति

खेलों के विकास के लिए स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव जैसी शुरुवात भी काफी महत्वपूर्ण हैं. स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव का यह मंच कोच, खिलाड़ियों, नीति-निर्माताओं और विशेषज्ञों को एक साथ लाकर खेल नीति को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक होगा. इस पहल से राज्य में खेलों के लिए एक दीर्घकालिक और मजबूत रणनीति तैयार की जा रही है.

मुख्यमंत्री साय का मानना है कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम ही नहीं बल्कि व्यक्तित्व विकास, अनुशासन और आत्मविश्वास का आधार भी है. उनकी यह सोच आज छत्तीसगढ़ के युवाओं को नई दिशा दे रही है. ग्रामीण अंचलों से लेकर नगरीय क्षेत्रों तक खेल मैदानों का निर्माण और जीर्णोद्धार इस बात को सुनिश्चित कर रहा है कि अब प्रदेश के हर युवा को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा.

आज प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपना कौशल दिखा रहे हैं. प्रदेश के खिलाड़ियों की यह उपलब्धि केवल उनकी व्यक्तिगत प्रयास का परिणाम नहीं है बल्कि एक मजबूत नीति, सुदृढ़ अधोसंरचना और प्रेरणादायक नेतृत्व का संयुक्त प्रभाव है.

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में खेलों के लिए एक नए युग का आरंभ हो चुका है. उपलब्धियों, अवसरों, सम्मानों और प्रेरणाओं के इस युग के साथ आने वाले वर्षों में यह खेल क्रांति प्रदेश के साथ ही साथ पूरे देश को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.

News Desk

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