सेहत

H1N1 Cases Rising: तेजी से फैल रहा H1N1! डॉक्टरों ने सांस फूलने और ऑक्सीजन गिरने को लेकर किया अलर्ट

H1N1 Cases Rising: दिल्ली-NCR में H1N1 के बढ़ते मामलों के बीच डॉक्टरों ने मरीजों में सांस से जुड़ी गंभीर समस्या को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है. एक्सपर्ट के मुताबिक, हर H1N1 मरीज में सांस लेने में परेशानी नहीं होती और ज्यादातर मरीज सामान्य देखभाल से ठीक हो जाते हैं. हालांकि, संक्रमण अगर फेफड़ों के निचले हिस्से तक पहुंच जाए तो निमोनिया और ऑक्सीजन का लेवल गिरने जैसी गंभीर जटिलताएं हो सकती हैं.

राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में 12 अगस्त 2026 तक H1N1 के 1,449 मामले दर्ज किए गए हैं. पिछले साल इसी अवधि में 229 मामले सामने आए थे. यानी इस साल मामलों में छह गुना से अधिक की वृद्धि हुई है. बढ़ते मामलों को देखते हुए राम मनोहर लोहिया अस्पताल और सफदरजंग अस्पताल सहित कई अस्पतालों में इन्फ्लुएंजा और संभावित जटिलताओं से निपटने की तैयारियां मजबूत की गई हैं.

कांवड़ लेकर भगवान शिव की भक्ति में डूबे CM साय, किया रुद्राभिषेक; बोले- धार्मिक परंपराएं पीढ़ियों को संस्कृति और संस्कारों से जोड़ती हैं

हर H1N1 मरीज में सांस की समस्या नहीं-

डॉक्टरों के मुताबिक, हर H1N1 संक्रमित मरीज में सांस संबंधी जटिलताएं विकसित नहीं होती हैं. अधिकांश मरीज सपोर्टिव केयर से ठीक हो जाते हैं. लेकिन जब संक्रमण लोअर रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट यानी फेफड़ों के निचले हिस्से को प्रभावित करता है, तब सांस लेने में परेशानी और निमोनिया जैसी समस्या हो सकती है.

H1N1 में सांस की समस्या क्यों होती है?

H1N1 इन्फ्लुएंजा-A वायरस है और मुख्य रूप से श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है. सामान्य मामलों में मरीज को बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, शरीर में दर्द और थकान जैसे लक्षण हो सकते हैं. हालांकि कुछ मामलों में संक्रमण फेफड़ों तक पहुंचकर निमोनिया का कारण बन सकता है. फेफड़ों में सूजन होने से रक्त में ऑक्सीजन पहुंचाने की क्षमता प्रभावित हो सकती है. गंभीर स्थिति में हाइपोक्सिया, एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम (ARDS), सेप्सिस और रेस्पिरेटरी फेल्योर जैसी जटिलताएं भी हो सकती है.

कब सांस फूलना बन जाता है गंभीर संकेत?

फ्लू के दौरान बुखार और कमजोरी की वजह से हल्की थकान या सांस फूलना हो सकता है. लेकिन अगर सांस लेने में परेशानी लगातार बढ़ रही है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

डॉक्टरों के मुताबिक ये संकेत गंभीर बीमारी की ओर इशारा कर सकते हैं-

  1. आराम करते समय भी सांस फूलना
  2. सांस लेने में तेजी से बढ़ती परेशानी
  3. ऑक्सीजन सैचुरेशन का लगातार गिरना
  4. सीने में दर्द या दबाव
  5. बहुत तेज या जोर लगाकर सांस लेना
  6. सांस फूलने के कारण बोलने या चलने में परेशानी
  7. होंठों का नीला या बहुत पीला पड़ना
  8. अत्यधिक उनींदापन या भ्रम की स्थिति
  9. अचानक स्वास्थ्य में तेजी से गिरावट

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) भी सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, तेज या कठिन सांस और ऑक्सीजन की कमी को गंभीर इन्फ्लुएंजा के चेतावनी संकेतों में शामिल करता है. कुछ मामलों में सामान्य फ्लू तेजी से गंभीर रूप ले सकता है.

ऑक्सीजन का लेवल गिरना क्यों है चिंता की बात?

पल्स ऑक्सीमीटर से शरीर में ऑक्सीजन सैचुरेशन का अनुमान लगाया जाता है. अगर संक्रमण के दौरान ऑक्सीजन का लेवल लगातार गिर रहा है, तो यह संकेत हो सकता है कि फेफड़े रक्त में पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंचा पा रहे हैं. भारत के मौसमी इन्फ्लुएंजा क्लिनिकल मैनेजमेंट प्रोटोकॉल के अनुसार, सांस की तकलीफ और 90 प्रतिशत से कम ऑक्सीजन सैचुरेशन वाले मरीजों को ऑक्सीजन थेरेपी की जरूरत पड़ सकती है. ऐसी स्थिति में डॉक्टर की तत्काल सलाह जरूरी है.

छत्तीसगढ़ के कण-कण में विराजमान हैं देवाधिदेव महादेव, प्रदेश की समृद्ध आध्यात्मिक परंपरा हमारी अमूल्य धरोहर – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

हर खांसी-बुखार में घबराने की जरूरत नहीं-

डॉक्टरों का कहना है कि H1N1 के बढ़ते मामलों को लेकर लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है. अधिकांश मरीज बिना गंभीर जटिलता के ठीक हो जाते हैं. चिंता तब बढ़ती है जब बुखार और खांसी में सुधार होने के बजाय मरीज की हालत बिगड़ने लगे. खास तौर पर लगातार बढ़ती खांसी, सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द और ऑक्सीजन का गिरता लेवल नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए. एक्सपर्ट का संदेश स्पष्ट है हर खांसी को गंभीर H1N1 न मानें, लेकिन सांस लेने में बढ़ती परेशानी को सामान्य समझकर घर पर भी न टालें. समय पर चिकित्सकीय जांच और उपचार गंभीर जटिलताओं के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है.

News Desk

सटीकता, निष्पक्षता और जिम्मेदार पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्ध, हमारे रिपोर्टर जमीनी स्तर से महत्वपूर्ण खबरों को जुटाकर तथ्यों की पुष्टि के साथ पाठकों तक पहुँचाने का कार्य करते हैं। PratidinRajdhani.in के माध्यम से वे समाज, शहर और देश से जुड़ी प्रमुख घटनाओं एवं जनहित के मुद्दों को विश्वसनीय और तथ्यपरक तरीके से प्रस्तुत करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।
Back to top button
📰 E-Paper