500 करोड़ का AI मिशन: युवा शक्ति के दम पर छत्तीसगढ़ बनेगा तकनीकी महाशक्ति, विष्णु भैय्या का बड़ा विजन

रायपुर : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब केवल तकनीकी क्षेत्र तक सीमित नहीं रह गया है। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, प्रशासन और रोजगार जैसे क्षेत्रों में इसका इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। इसी बदलते तकनीकी दौर को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने 500 करोड़ रुपए के AI मिशन की दिशा में कदम बढ़ाया है। पांच वर्ष की अवधि वाले इस मिशन के लिए हर साल 100 करोड़ रुपए का प्रावधान प्रस्तावित है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार का फोकस AI और उभरती तकनीकों के जरिए युवाओं के कौशल विकास, रोजगार और उद्यमिता के अवसर बढ़ाने पर है।
6 लाख विद्यार्थियों और 1.5 लाख सरकारी कर्मचारियों को AI प्रशिक्षण
AI मिशन के तहत प्रदेश के करीब 6 लाख विद्यार्थियों और 1.5 लाख शासकीय कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा राज्य में 100 AI एवं Emerging Technology Labs और 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की योजना है।
इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों और सरकारी कर्मचारियों को बदलती तकनीकी जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है। AI के साथ मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, बिग डेटा, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, रोबोटिक्स, ब्लॉकचेन, फिनटेक और AR-VR जैसी तकनीकों को भी प्रशिक्षण के दायरे में शामिल किया जा सकता है।
रोजगार के साथ उद्यमिता पर जोर
AI मिशन में केवल प्रशिक्षण तक सीमित रहने के बजाय युवाओं के कौशल को रोजगार और उद्यमिता से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है। ‘निपुण’ जैसे रोजगार-केंद्रित प्रयासों के जरिए युवाओं को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
प्रदेश के 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र स्थापित करने की योजना भी इसी दिशा का हिस्सा है। इसका उद्देश्य स्टार्टअप और उद्यमिता के अवसरों को बड़े शहरों के साथ-साथ जिला स्तर तक पहुंचाना है।
300 से अधिक AI स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने की योजना
AI आधारित 300 से अधिक स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने की योजना बनाई गई है। इसके लिए इनक्यूबेशन, सीड फंडिंग, मेंटरशिप और तकनीकी सहायता जैसी व्यवस्थाओं पर जोर दिया जा रहा है।
महिला और आदिवासी उद्यमियों को अतिरिक्त सहयोग देने का प्रावधान भी प्रस्तावित है। यदि इन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन होता है, तो बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों के युवाओं को भी तकनीकी क्षेत्र में नए अवसर मिल सकते हैं।
नवा रायपुर में तकनीकी प्रशिक्षण का विस्तार
नवा रायपुर में प्रस्तावित नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट को भी इस तकनीकी इकोसिस्टम से जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है। वहीं NIT रायपुर और IIIT नवा रायपुर जैसे संस्थानों से जुड़े सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के जरिए शोध, प्रशिक्षण और उद्योग के बीच बेहतर तालमेल बनाने की संभावना है।
AI का इस्तेमाल छत्तीसगढ़ की स्थानीय जरूरतों के हिसाब से कृषि, खनन, इस्पात, स्वास्थ्य और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में भी किया जा सकता है। इससे राज्य की मौजूदा आर्थिक गतिविधियों में तकनीक के इस्तेमाल का दायरा बढ़ सकता है।
डिजिटल गवर्नेंस को भी मिलेगा तकनीक का साथ
राज्य में डिजिटल सेवाओं के विस्तार के लिए ‘सेवा सेतु’ जैसे प्लेटफॉर्म पर भी काम किया जा रहा है। ऑनलाइन आवेदन, डिजिटल प्रमाणपत्र, आवेदन की स्थिति की जानकारी और सार्वजनिक डैशबोर्ड जैसी सुविधाओं के जरिए सरकारी सेवाओं को डिजिटल बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
AI मिशन को भी इसी व्यापक डिजिटल बदलाव से जोड़कर देखा जा रहा है। केंद्र की डिजिटल इंडिया, कौशल विकास और स्टार्टअप से जुड़ी पहलों तथा राज्य की स्थानीय जरूरतों के बीच बेहतर समन्वय से तकनीकी क्षेत्र में नए अवसर तैयार हो सकते हैं।
कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा में AI के इस्तेमाल की संभावना
छत्तीसगढ़ में AI के इस्तेमाल का दायरा केवल IT और स्टार्टअप तक सीमित नहीं रहने वाला है। कृषि क्षेत्र में मौसम और फसल से जुड़ी जानकारी, स्वास्थ्य क्षेत्र में डेटा आधारित सेवाएं, शिक्षा में व्यक्तिगत सीखने के साधन और उद्योगों में उत्पादकता बढ़ाने जैसे क्षेत्रों में AI उपयोगी हो सकता है।
हालांकि, इसके लिए केवल AI लैब स्थापित करना पर्याप्त नहीं होगा। प्रशिक्षित शिक्षक, बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण सामग्री, उद्योगों के साथ साझेदारी और ग्रामीण क्षेत्रों तक तकनीकी शिक्षा की पहुंच भी जरूरी होगी।
युवाओं के कौशल और रोजगार पर रहेगा असली फोकस
500 करोड़ रुपए के AI मिशन की सफलता इस बात से तय होगी कि इसका लाभ कितने युवाओं तक पहुंचता है और प्रशिक्षण के बाद उन्हें रोजगार, स्टार्टअप और नवाचार के कितने अवसर मिलते हैं। खास तौर पर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के युवाओं को इस तकनीकी बदलाव से जोड़ना बड़ी चुनौती और अवसर दोनों होगा।
छत्तीसगढ़ की युवा आबादी, कृषि और औद्योगिक आधार के साथ AI और अन्य उभरती तकनीकों को जोड़ने की कोशिश राज्य की अर्थव्यवस्था में नए अवसर पैदा कर सकती है। सरकार की योजना प्रभावी तरीके से जमीन पर उतरती है तो AI आधारित कौशल, नवाचार और उद्यमिता राज्य के विकास एजेंडे का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकते हैं।

