छत्तीसगढ़

केंद्रीय जेल रायपुर का औचक निरीक्षण, बंदियों से मिले जिला एवं सत्र न्यायाधीश; विधिक अधिकारों की दी जानकारी

रायपुर: प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री बलराम प्रसाद वर्मा ने केंद्रीय जेल रायपुर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जेल में निरुद्ध विचाराधीन और सजायाफ्ता बंदियों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने बंदियों की समस्याओं के समाधान के लिए जेल प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने बंदियों को उनके विधिक अधिकारों के बारे में जानकारी दी। इनमें निःशुल्क अधिवक्ता की नियुक्ति, जमानत और जेल अपील से संबंधित अधिकार शामिल हैं। उन्होंने बताया कि किसी भी बंदी को कानूनी सहायता की जरूरत होने पर केंद्रीय जेल रायपुर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित लीगल एड क्लीनिक और लीगल हेल्प डेस्क के माध्यम से सहायता प्राप्त की जा सकती है।

महिला बंदियों की समस्याओं की भी ली जानकारी

निरीक्षण के दौरान महिला बंदियों से भी बातचीत की गई और उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली गई। उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए जेल प्रशासन को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।

महिला बंदियों के संवैधानिक और मूलभूत अधिकारों को ध्यान में रखते हुए उन्हें जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।

साफ-सफाई और स्वास्थ्य सुविधाओं पर दिए निर्देश

जेल परिसर में साफ-सफाई, स्वच्छ पेयजल, गुणवत्तापूर्ण भोजन और स्वास्थ्य उपचार जैसी मूलभूत व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के निर्देश भी जेल प्रशासन को दिए गए।

जेल निरीक्षण के दौरान मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री आनंद कुमार सिंह, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री अविनाश कुमार दुबे, जेल अधीक्षक योगेश क्षत्रीय सहित जेल प्रशासन के अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

News Desk

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