MP के युवाओं के लिए बड़ी खबर! एक लाख सरकारी पदों पर होगी भर्ती, CM मोहन यादव का ऐलान

मध्यप्रदेश के युवाओं के लिए बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस साल प्रदेश में करीब एक लाख सरकारी पदों पर भर्ती किए जाने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए लगातार कदम उठा रही है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शनिवार को इंदौर में आयोजित ‘हिंदू इकोनॉमिक फोरम’ के कार्यक्रम में कहा कि पिछले ढाई साल में राज्य के अलग-अलग सरकारी विभागों में 85 हजार से ज्यादा पदों पर भर्ती की जा चुकी है। अब इस साल करीब एक लाख और सरकारी पदों पर भर्ती की जाएगी।
35 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव
मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सस्ती बिजली, उद्योगों के अनुकूल नीतियां, करीब एक लाख एकड़ का भूमि बैंक और शांत औद्योगिक वातावरण जैसी सुविधाएं मौजूद हैं।
उन्होंने बताया कि पिछले ढाई साल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और अन्य आयोजनों के दौरान राज्य सरकार ने उद्योगपतियों के साथ करीब 35 लाख करोड़ रुपये के निवेश करार (एमओयू) किए हैं। इनमें से करीब 33 प्रतिशत प्रस्तावों को जमीन पर उतारने की दिशा में काम शुरू हो चुका है।
इंदौर से अबू धाबी, भोपाल से शारजाह उड़ान
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में निवेश और कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए नागर विमानन नीति के तहत अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू करने की पहल की जा रही है।
उन्होंने कहा कि जुलाई में इंदौर से अबू धाबी के लिए उड़ान शुरू हो चुकी है, जबकि अगले महीने भोपाल से शारजाह के लिए उड़ान शुरू होने वाली है।
21 साल बाद MP में फिर शुरू हुई सरकारी बस सेवा
इससे एक दिन पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा और पीएम ई-बस सेवा का उद्घाटन किया था। पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर शुरू हुई इन सेवाओं के साथ मध्यप्रदेश में करीब 21 साल बाद सरकारी बस सेवा फिर शुरू हुई है।
परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह के अनुसार, मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत पीपीपी मॉडल पर 351 बसों का संचालन किया जाएगा। पहले चरण में इंदौर, भोपाल, जबलपुर, रीवा, देवास, कटनी और भिंड से बस सेवा शुरू की गई है।
सरकार के मुताबिक, इस सेवा का उद्देश्य लोगों को सुरक्षित, आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के साथ शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच बस कनेक्टिविटी को मजबूत करना है।

