मध्यप्रदेश

MP News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 10 हितग्राहियों को सौंपे रजिस्ट्री प्रमाण-पत्र, स्वामित्व अधिकार योजना से मिला मालिकाना हक

भोपाल/हरदा: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 9 अक्टूबर को हरदा जिले में आयोजित कार्यक्रम के दौरान स्वामित्व अधिकार अभिलेखों के हस्तांतरण विलेख के निष्पादन योजना के तहत 10 हितग्राहियों को रजिस्ट्री प्रमाण-पत्र वितरित किए। इनमें ग्राम गोंदागांव के ग्रामीण निर्भयदास और भैयालाल भी शामिल रहे। मुख्यमंत्री ने दोनों हितग्राहियों को प्रमाण-पत्र सौंपे, जबकि अन्य आठ हितग्राहियों को भी रजिस्ट्री प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।

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ग्रामीणों को मिलेगा जमीन का कानूनी अधिकार

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य प्रत्येक पात्र ग्रामीण को उसकी भूमि का अधिकार दिलाना है। स्वामित्व योजना के माध्यम से ग्रामीणों को संपत्ति पर कानूनी सुरक्षा मिल रही है और वे आर्थिक रूप से भी सशक्त हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जमीन की रजिस्ट्री होने से संपत्ति के मूल्य और उसकी उपयोगिता में वृद्धि हो सकती है। साथ ही, हितग्राहियों को शासकीय योजनाओं का लाभ लेने और अपनी संपत्ति का उपयोग आर्थिक जरूरतों के लिए करने में सुविधा मिलेगी।

रजिस्ट्री प्रमाण-पत्र प्राप्त करने वाले हितग्राहियों ने भी खुशी जाहिर की। उनका कहना था कि जमीन का विधिवत मालिकाना हक मिलने से बैंक से ऋण लेने में आसानी होगी। इसके अलावा, वे अपनी भूमि पर बिना किसी आशंका के निर्माण और अन्य कार्य कर सकेंगे। हितग्राहियों ने इस पहल के लिए राज्य सरकार की सराहना की।

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मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए निर्देश

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर को निर्देश दिए कि भू-स्वामित्व के अंतर्गत रजिस्ट्री की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। उन्होंने पटवारियों को भी प्रक्रिया के संबंध में स्पष्ट जानकारी देने की बात कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संबंधित अधिकारी जब राज्य सरकार के प्रतिनिधि के रूप में निष्पादन अधिकारी घोषित हों, तो शासकीय कार्य के निष्पादन को लेकर उनके विरुद्ध कार्रवाई नहीं की जाएगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि रजिस्ट्री का निष्पादन स्वामित्व अधिकार अभिलेख में दर्ज जानकारी के आधार पर ही किया जाएगा। इस प्रक्रिया में किसी व्यक्ति के स्वामित्व का नए सिरे से निर्धारण या नई जानकारी तैयार नहीं की जा रही है।

सरकार का उद्देश्य योजना के माध्यम से पात्र ग्रामीणों को उनकी संपत्ति से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराना और भूमि के अधिकारों को अधिक व्यवस्थित बनाना है।

News Desk

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