इंदौर अर्बन कॉन्क्लेव-2026 में शहरी विकास पर मंथन, CM मोहन यादव का आधुनिक शहरों पर जोर

इंदौर : मध्यप्रदेश में शहरी विकास, निवेश और आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 28 अक्टूबर को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में अर्बन कॉन्क्लेव-2026 का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में होने वाले इस सम्मेलन में शहरी विकास के नए मॉडल, डिजिटल गवर्नेंस, पर्यावरण संरक्षण और भविष्य की जरूरतों पर चर्चा होगी। इसमें निवेशकों, विशेषज्ञों, स्टार्टअप प्रतिनिधियों और युवाओं की भागीदारी रहेगी।
मुख्यमंत्री निवेशकों के साथ वन-टू-वन चर्चा करेंगे। साथ ही नगरीय क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं, प्रस्तावित परियोजनाओं और उनके समयबद्ध क्रियान्वयन पर विचार-विमर्श होगा। सम्मेलन के दौरान विभिन्न परियोजनाओं का शुभारंभ, भूमि-पूजन और लोकार्पण भी प्रस्तावित है।
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टियर-2 शहरों के विकास पर रहेगा फोकस
कॉन्क्लेव में टियर-2 शहरों के सुनियोजित विकास पर विशेष चर्चा होगी। इसमें परिवहन आधारित विकास (TOD), ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स (TDR), आवासीय पुनर्विकास, मास्टर प्लान, विकास गलियारों, रेरा स्वीकृतियों, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) जैसे विषय शामिल होंगे।
इन मुद्दों के जरिए शहरों में भूमि का बेहतर उपयोग, आवासीय सुविधाओं में सुधार और परिवहन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के उपायों पर मंथन किया जाएगा। सरकार का जोर शहरों को निवेश अनुकूल, तकनीक आधारित और नागरिकों की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने पर है।
उपचारित जल के पुनः उपयोग पर चर्चा
शहरी क्षेत्रों में जल प्रबंधन और जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए उपचारित अपशिष्ट जल के पुनर्चक्रण पर भी चर्चा होगी। इसके तहत औद्योगिक इकाइयों, निर्माण कार्यों, कृषि और उद्यानों की सिंचाई जैसी गैर-पेयजल जरूरतों में उपचारित जल के उपयोग को प्रोत्साहित करने पर विचार किया जाएगा। इसका उद्देश्य ताजे जल स्रोतों पर निर्भरता कम करना और टिकाऊ शहरी विकास को बढ़ावा देना है।
₹2,753 करोड़ की नगरीय परियोजनाओं पर मंथन
कॉन्क्लेव में अर्बन चैलेंज फंड के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं की प्रगति, वित्तीय प्रबंधन और समयबद्ध क्रियान्वयन की समीक्षा की जाएगी। इन परियोजनाओं की कुल स्वीकृत लागत 2,753.10 करोड़ रुपये बताई गई है।
इनमें इंदौर की जलप्रदाय व्यवस्था के वितरण नेटवर्क को मजबूत करना, सीवरेज नेटवर्क और उपचार संयंत्रों का उन्नयन, उज्जैन में एकीकृत मंदिर क्षेत्र का विकास और रीवा की जलप्रदाय योजना जैसे प्रमुख कार्य शामिल हैं।
सम्मेलन के दौरान परियोजनाओं के लिए वित्तीय संस्थानों और बैंकों के साथ अनुबंध करने तथा संबंधित एजेंसियों को लेटर ऑफ अवॉर्ड देने की भी योजना है।
स्टार्टअप्स और युवाओं को भी मिलेगा अवसर
अर्बन कॉन्क्लेव-2026 का उद्देश्य निवेश, नवाचार, आधुनिक तकनीक और स्टार्टअप इकोसिस्टम को प्रोत्साहित करना है। इसमें निवेशकों के साथ स्टार्टअप्स और युवाओं को भी आमंत्रित किया गया है।
इच्छुक प्रतिभागी ugconclave.mp.gov.in पर ऑनलाइन पंजीयन कर सकते हैं। सम्मेलन से प्रदेश के शहरों में निवेश बढ़ाने, विकास परियोजनाओं को गति देने, निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने और पर्यावरण अनुकूल शहरी विकास को प्रोत्साहित करने की उम्मीद है।

