उत्तरप्रदेश

मोमोज से मिठाइयों तक, खाने में केमिकल रंग मिलाने पर यूपी में बैन; नियम तोड़ा तो खैर नहीं!

लखनऊ : उत्तर प्रदेश में मिठाइयों, मोमोज, चटनी और अन्य खाद्य पदार्थों में प्रतिबंधित रासायनिक रंगों के इस्तेमाल को लेकर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने सख्त रुख अपनाया है। खाद्य कारोबारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे खाने-पीने की चीजों में केवल अनुमन्य रंगों का ही निर्धारित सीमा के भीतर इस्तेमाल करें। रोडामाइन-बी समेत गैर-अनुमन्य रंगों के उपयोग पर रोक को लेकर विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।

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हलवाई से लेकर होटल-रेस्टोरेंट तक लागू होंगे निर्देश

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की आयुक्त डॉ. रोशन जैकब की ओर से जारी दिशा-निर्देश हलवाई, खाद्य निर्माता, होटल-रेस्टोरेंट संचालक, बेकरी, ढाबे और रेहड़ी-पटरी पर खाद्य सामग्री बेचने वाले कारोबारियों पर लागू होंगे। इन निर्देशों की जानकारी व्यापार मंडलों और खाद्य कारोबारियों के संगठनों के माध्यम से भी दी जाएगी।

समोसे, चाट, मोमोज और रोल के साथ परोसी जाने वाली हरी-लाल चटनी में प्रतिबंधित रंगों के इस्तेमाल पर खास नजर रखने को कहा गया है। कारोबारियों को रंग और स्वाद के लिए टमाटर, चुकंदर, धनिया और पुदीना जैसी प्राकृतिक सामग्री का उपयोग करने की सलाह दी गई है।

इन रासायनिक रंगों के इस्तेमाल पर रोक

एफएसडीए ने रोडामाइन-बी, मेटानिल येलो, बटर येलो, मैलाकाइट ग्रीन, आरामाइन और ऑरेंज-2 जैसे गैर-अनुमन्य रंगों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

कॉटन कैंडी यानी बुढ़िया के बाल और बर्फ के गोलों में भी रोडामाइन-बी जैसे गैर-खाद्य रंगों का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। इसके अलावा चिकन टिक्का, कबाब, चाप और तली हुई मछली को रंगने के लिए औद्योगिक डाई के उपयोग पर भी रोक है।

दूध, ताजे फल-सब्जियों, शिशु आहार, प्राकृतिक फलों के रस, पिसे मसालों, सादी ब्रेड और खाद्य तेल जैसी श्रेणियों में भी रंगों के उपयोग से जुड़े निर्धारित प्रतिबंधों का पालन करना होगा।

रंगों की मात्रा मापने के लिए डिजिटल स्केल जरूरी

दिशा-निर्देशों के मुताबिक, खाद्य कारोबारी रंगों को अंदाजे से मिलाने के बजाय उनकी मात्रा मापने के लिए डिजिटल वेइंग स्केल का इस्तेमाल करें। रंग केवल अधिकृत स्रोतों से खरीदने और उनकी पैकेजिंग, लेबल तथा आपूर्तिकर्ता की जानकारी की जांच करने को भी कहा गया है।

कारोबारियों को रंगों की खरीद के बिल, इनवॉइस और बैच नंबर सुरक्षित रखने होंगे, ताकि जरूरत पड़ने पर उनकी जांच की जा सके।

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खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन पर जोर

एफएसडीए की इस पहल का उद्देश्य खाद्य पदार्थों में प्रतिबंधित रासायनिक रंगों के इस्तेमाल पर रोक लगाना और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना है। निर्देशों के तहत कारोबारियों को अनुमन्य रंगों और उनकी निर्धारित मात्रा संबंधी नियमों का पालन करना होगा। नियमों के उल्लंघन पर संबंधित प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।

News Desk

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