MP News: मोहन सरकार का बड़ा फैसला, 950 से अधिक आश्रितों को मिली अनुकंपा नियुक्ति; 400 नए सांदीपनि स्कूल खुलेंगे

भोपाल : मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और दिवंगत शासकीय कर्मचारियों के आश्रितों को राहत देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 21 अक्टूबर को भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित कार्यक्रम में 954 पात्र लोगों को अनुकंपा नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में 400 नए सांदीपनि विद्यालय भवनों के निर्माण की घोषणा भी की। इनमें 200 भवन स्कूल शिक्षा विभाग और 200 भवन जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत बनाए जाएंगे।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि शासकीय सेवा के दौरान किसी कर्मचारी का असमय निधन उसके परिवार के लिए बेहद दुखद स्थिति होती है। ऐसे समय में परिवार को आर्थिक संकट का भी सामना करना पड़ता है। सरकार ऐसे परिवारों के साथ खड़ी है और उनकी सहायता करना अपनी जिम्मेदारी मानती है।
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954 लोगों को मिली अनुकंपा नियुक्ति
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि अनुकंपा नियुक्ति के माध्यम से दिवंगत कर्मचारियों के परिवारों को आर्थिक संबल देने का प्रयास किया जा रहा है। त्योहारों के इस मौसम में सरकार ने नियुक्ति प्रक्रिया को प्राथमिकता दी है, ताकि प्रभावित परिवारों को राहत मिल सके।
कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत 954 लोगों को अनुकंपा नियुक्ति देने की जानकारी दी गई। इनमें सहायक ग्रेड-3, प्राथमिक शिक्षक और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त कर्मचारियों से पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की अपील की।
400 नए सांदीपनि विद्यालय भवनों का निर्माण
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 400 नए सांदीपनि विद्यालय भवनों को मंजूरी देने की घोषणा की। इनमें जनजातीय बहुल क्षेत्रों के लिए जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत 200 भवन बनाए जाएंगे, जबकि स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत भी 200 नए विद्यालय भवनों का निर्माण होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सांदीपनि विद्यालय प्रदेश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव ला रहे हैं। सरकार स्कूलों में आधुनिक प्रयोगशालाएं, बेहतर अधोसंरचना, खेल सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में 369 विद्यालय भवनों का निर्माण और लोकार्पण किया जा चुका है। सरकार शिक्षा विभाग को सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल करते हुए लगातार सुविधाओं का विस्तार कर रही है।
20 हजार पदों पर भर्ती की तैयारी
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सरकारी भर्तियों को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अब तक 85 हजार से अधिक शासकीय पदों पर युवाओं को रोजगार उपलब्ध करा चुकी है। इनमें स्कूल शिक्षा विभाग के 15 हजार पद शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि स्कूल शिक्षा विभाग में 20 हजार पदों पर नए सिरे से भर्ती प्रक्रिया शुरू होने वाली है। इसके अलावा पदोन्नति के कारण रिक्त हुए पदों को भरने की प्रक्रिया भी जारी है। मुख्यमंत्री के अनुसार, अनुकंपा नियुक्ति के करीब 350 पद अभी शेष हैं, जिन पर साल के अंत तक नियुक्ति देने का लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कर्मचारियों की पदोन्नति के लिए हर वर्ष विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की प्रक्रिया जारी रखी जाएगी, ताकि विभागों में रिक्त पदों को समय पर भरा जा सके।
विद्यार्थियों को लैपटॉप और स्कूटी की सौगात
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की अन्य योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। मेधावी विद्यार्थियों को अब तक 1 लाख 35 हजार से अधिक लैपटॉप वितरित किए जा चुके हैं। वहीं, बोर्ड परीक्षाओं में स्कूल टॉप करने वाले विद्यार्थियों को स्कूटी भी दी गई है।
उन्होंने कहा कि स्कूल से निकलने वाले विद्यार्थियों को नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास भी किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर देना है।
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मंत्री उदय प्रताप सिंह ने सरकार के प्रयासों को सराहा
कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा विभाग में नियुक्तियों, पदोन्नति और कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दे रही है।
उन्होंने बताया कि अनुकंपा नियुक्ति के माध्यम से दिवंगत कर्मचारियों के योग्य आश्रितों को रोजगार दिया गया है। साथ ही, शिक्षकों को क्रमोन्नति का लाभ देने और लंबे समय से लंबित समस्याओं के निराकरण की दिशा में भी काम किया गया है।
मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि पिछले तीन महीनों में 1,500 से अधिक पेंशन प्रकरणों का निराकरण किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों के हितों की रक्षा करने और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

