छत्तीसगढ़ के नगर सैनिकों को बड़ी सौगात! 3 साल बाद मानदेय में बदलाव की तैयारी, जानें पूरी अपडेट

रायपुर : छत्तीसगढ़ के नगर सैनिकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। प्रदेश के करीब 7,900 नगर सैनिकों के मासिक मानदेय में बढ़ोतरी की तैयारी की जा रही है। राज्य शासन के गृह विभाग ने स्वयंसेवी नगर सैनिकों का कुल मानदेय बढ़ाकर 30,870 रुपये प्रतिमाह करने की अनुशंसा की है। फिलहाल नगर सैनिकों को 19,500 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिल रहा है। यदि प्रस्ताव को शासन की अंतिम मंजूरी मिल जाती है, तो उनकी आय में अच्छी-खासी बढ़ोतरी हो सकती है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश और गृह मंत्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में यह पहल की गई है। हालांकि, अभी मानदेय बढ़ाने का प्रस्ताव अंतिम स्वीकृति की प्रक्रिया से जुड़ा है। नई दर कब से लागू होगी और बढ़ा हुआ मानदेय किस महीने से मिलना शुरू होगा, इस संबंध में फिलहाल आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
तीन मदों को मिलाकर 30,870 रुपये करने का प्रस्ताव
गृह विभाग की अनुशंसा के अनुसार, नगर सैनिकों के प्रस्तावित मानदेय में मूल मानदेय, महंगाई भत्ता और वर्दी धुलाई भत्ता शामिल हैं। इसका विवरण इस प्रकार है:
- मूल मानदेय: 19,500 रुपये प्रतिमाह
- महंगाई भत्ता: 58 प्रतिशत के हिसाब से 11,310 रुपये
- वर्दी धुलाई भत्ता: 60 रुपये
- कुल प्रस्तावित मानदेय: 30,870 रुपये प्रतिमाह
इस प्रस्ताव के लागू होने पर नगर सैनिकों को वर्तमान 19,500 रुपये के मुकाबले 11,370 रुपये अधिक प्रतिमाह मिल सकते हैं। यानी उनकी मासिक आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी। हालांकि, यह लाभ शासन की अंतिम मंजूरी और लागू होने वाली शर्तों पर निर्भर करेगा।
करीब 7,900 नगर सैनिकों को मिल सकता है लाभ
छत्तीसगढ़ में नगर सैनिक कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अग्निशमन सेवाओं, आपदा प्रबंधन और अन्य जरूरी सरकारी कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विभिन्न परिस्थितियों में उनकी ड्यूटी और जिम्मेदारियों को देखते हुए मानदेय में बढ़ोतरी की मांग अहम मानी जा रही है।
प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर प्रदेश के लगभग 7,900 नगर सैनिकों को इसका लाभ मिल सकता है। इससे उनके परिवारों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
पहले भी बढ़ चुका है नगर सैनिकों का मानदेय
छत्तीसगढ़ में नगर सैनिकों के मानदेय में इससे पहले भी दो बार बढ़ोतरी की जा चुकी है।
वर्ष 2017 में गृह विभाग के आदेश के बाद नगर सैनिकों का मानदेय 10,000 रुपये से बढ़ाकर 13,200 रुपये प्रतिमाह किया गया था। इसके बाद 30 मई 2023 को जारी आदेश के अनुसार, 1 अप्रैल 2023 से प्रभावी रूप से मानदेय में 6,300 रुपये की वृद्धि की गई। इस बढ़ोतरी के बाद मासिक मानदेय 19,500 रुपये हो गया था।
अब एक बार फिर मानदेय में संशोधन की अनुशंसा की गई है। नए प्रस्ताव के तहत इसे बढ़ाकर 30,870 रुपये प्रतिमाह करने की तैयारी है।
महंगाई और न्यायालय के निर्देशों को बनाया आधार
मानदेय में संशोधन के लिए गृह विभाग ने न्यायालय के निर्देशों, बढ़ती महंगाई और नगर सैनिकों की कार्य संबंधी जिम्मेदारियों को प्रमुख आधार बताया है। नगर सैनिकों को कानून-व्यवस्था के अलावा अग्निशमन, आपदा प्रबंधन और अन्य आवश्यक सेवाओं में भी योगदान देना पड़ता है।
ऐसे में प्रस्तावित बढ़ोतरी को उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे नगर सैनिकों को बढ़ती महंगाई के बीच कुछ राहत मिल सकती है।
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नगर सैनिकों ने जताया आभार, अब अंतिम मंजूरी का इंतजार
मानदेय बढ़ाने की पहल पर नगर सैनिकों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और गृह मंत्री विजय शर्मा के प्रति आभार व्यक्त किया है। अब सभी की नजर शासन की अंतिम मंजूरी पर टिकी है।
फिलहाल ध्यान देने वाली बात यह है कि 30,870 रुपये का मानदेय अभी प्रस्तावित है। शासन की अंतिम स्वीकृति, नई दर लागू होने की तारीख और भुगतान संबंधी आधिकारिक आदेश जारी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि नगर सैनिकों को बढ़ा हुआ मानदेय कब से मिलना शुरू होगा।

