दक्षिण-पूर्व एशिया में करीब 30 करोड़ लोग इस गंभीर समस्या के शिकार
दक्षिण-पूर्व एशिया में करीब 30 करोड़ लोग इस गंभीर समस्या के शिकार
ब्लड प्रेशर की समस्या वैश्विक स्तर पर काफी तेजी से बढ़ती हुई देखी जा रही है, इसे हृदय रोगों का प्रमुख कारक माना जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने अपनी हालिया रिपोर्ट में दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र उच्च रक्तचाप से प्रभावित लोगों की बढ़ती संख्या को लेकर चिंता जताई है।
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रिपोर्ट के अनुसार यहां लगभग 294 मिलियन (29.4 करोड़) लोग उच्च रक्तचाप से पीड़ित हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा उच्च रक्तचाप के कारण गंभीर हृदय रोगों का बोझ बढ़ सकता है, इसलिए इसे नियंत्रित करने के लिए शीघ्र ही उपयुक्त प्रयास किए जाने आवश्यक हैं।
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उच्च रक्तचाप, गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) का प्रमुख हिस्सा है। दक्षिण-पूर्व एशिया में डब्ल्यूएचओ की क्षेत्रीय निदेशक साइमा वाजेद ने शुक्रवार को कहा, ऐसा अनुमान है कि दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र में तेजी से उच्च रक्तचाप की समस्या बढ़ती जा रही है। वैश्विक और राष्ट्रीय स्वास्थ्य लक्ष्यों को पूरा करने के लिए उच्च रक्तचाप को रोकने और नियंत्रित करने के प्रयासों को मजबूत करने की जरूरत है। इस रोग के बढ़ते मामले भविष्य के लिए गंभीर जोखिमों की तरफ संकेत करते हैं।
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उच्च रक्तचाप के जोखिम कारकों पर दें ध्यान
रक्तचाप और इसके कारण होने जोखिमों को लेकर लोगों को सावधान करने के लिए इस वर्ष का थीम ‘अपने रक्तचाप को सटीक रूप से मापें, इसे नियंत्रित करें, लंबे समय तक जीवित रहें’ निर्धारित किया गया है।
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डब्ल्यूएचओ ने आह्वान किया है कि उच्च रक्तचाप के बढ़ते खतरे को रोकने के लिए नमक, तंबाकू और शराब का अधिक सेवन से बचना जरूरी है। अस्वास्थ्यकर आहार और शारीरिक निष्क्रियता के साथ तनाव और वायु प्रदूषण इसके प्रमुख जोखिम कारक हैं, जिसको लेकर सभी लोगों को निरंतर सावधानी बरतते रहना जरूरी है।
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