Vedanta पर विवाद के बीच JP Morgan का भरोसा कायम, Viceroy की रिपोर्ट को बताया भटकाने वाला

वेदांता विवाद: JP मॉर्गन का भरोसा कायम-एक तरफ Viceroy रिसर्च की तीखी रिपोर्ट, दूसरी तरफ JP मॉर्गन का पूरा भरोसा! वेदांता के ऊपर मंडरा रहे सवालों और जवाबों की इस उलझन भरी कहानी को समझते हैं।
क्या है पूरा मामला?-Viceroy रिसर्च ने वेदांता को लेकर एक 85 पन्नों की रिपोर्ट जारी की, जिसमें कंपनी पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। रिपोर्ट में वेदांता को ‘परजीवी’ तक कह दिया गया है, जिस पर अस्थिर कर्ज और गलत लेखांकन के आरोप हैं। कंपनी पर आरोप है कि वो अपनी सहायक कंपनियों से पैसे निकालकर खुद को चला रही है। ये रिपोर्ट इतनी तीखी थी कि शेयर बाजार में वेदांता के शेयरों में गिरावट आई।
JP मॉर्गन का रुख-लेकिन इस तूफान के बीच JP मॉर्गन ने वेदांता पर अपना भरोसा कायम रखा है। उनका कहना है कि वो Viceroy की रिपोर्ट से प्रभावित नहीं हैं और वेदांता में निवेश को लेकर उनका नज़रिया सकारात्मक ही है। JP मॉर्गन के मुताबिक, वेदांता की आर्थिक स्थिति मज़बूत है और उसे फंडिंग में कोई दिक्कत नहीं है।
वेदांता का पक्ष-वेदांता ने Viceroy की रिपोर्ट को पूरी तरह खारिज कर दिया है। कंपनी का कहना है कि रिपोर्ट में लगाए गए आरोप गलत और बेबुनियाद हैं। कंपनी ने कहा कि रिपोर्ट जारी करने से पहले Viceroy ने उनसे कोई संपर्क नहीं किया और न ही तथ्यों की जांच की गई। वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने रिपोर्ट को ‘प्रेरित’ बताया है।
आगे क्या?-अब देखना होगा कि इस विवाद का वेदांता पर क्या असर पड़ता है। Viceroy की रिपोर्ट के बाद भी JP मॉर्गन का भरोसा कायम रहना एक महत्वपूर्ण बात है, लेकिन निवेशकों की नज़र अब भी कंपनी पर टिकी हुई है। आने वाले समय में इस मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं।

