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क्या मैनचेस्टर टेस्ट में भारत की वापसी मुमकिन है या बाज़ी हाथ से निकल गई? जानें पूरी खबर

बुमराह की मेहनत बेकार, टीम इंडिया पर बढ़ता दबाव-भारत का इंग्लैंड दौरा अभी तक उतना अच्छा नहीं रहा जितना हम सब चाहते थे। चौथे टेस्ट मैच के तीसरे दिन, हालात और भी मुश्किल हो गए। इंग्लैंड के जो रूट ने शानदार 150 रनों की पारी खेली और भारत को 186 रनों से पीछे कर दिया। सीरीज़ में भारत पहले ही 1-2 से पिछड़ रहा है।

 बुमराह को मिला नहीं भरपूर साथ-जसप्रीत बुमराह ने कमाल की गेंदबाज़ी की, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें उम्मीद के मुताबिक साथ नहीं मिला। पूर्व इंग्लैंड क्रिकेटर जोनाथन ट्रॉट का मानना है कि जब पूरी गेंदबाज़ी टीम दबाव नहीं बना पाती, तो बुमराह जैसा गेंदबाज़ भी अपना पूरा दम नहीं दिखा पाता। एक बेहतरीन गेंदबाज़ को भी टीम के समर्थन की ज़रूरत होती है, तभी वो अपना 100% दे पाता है। अगर पूरी टीम एक साथ काम करे, तो ज़्यादा सफलता मिलती है।

 गिल की कप्तानी और चोटों का संकट-युवा कप्तान शुबमन गिल के लिए यह पहला इंग्लैंड दौरा है और वो भी कप्तान के तौर पर। ट्रॉट का मानना है कि कप्तानी का दबाव और इंग्लैंड में खेलने का अनुभव उनके लिए चुनौतीपूर्ण है। इसके ऊपर, आकाश दीप की चोट टीम के लिए एक बड़ा झटका है। आकाश ने पिछले टेस्ट में 10 विकेट लिए थे। उनकी जगह अंशुल कांबोज को मौका मिला, लेकिन वो उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए। टीम को चोटों से भी जूझना पड़ रहा है, जिससे टीम का प्रदर्शन प्रभावित हो रहा है।

गेंदबाज़ी में असंतुलन और रूट की शानदार पारी-भारतीय तेज गेंदबाज़ों ने 82 ओवर में केवल तीन विकेट लिए, जबकि स्पिनरों ने 52 ओवर में चार विकेट लिए। यह आंकड़े गेंदबाज़ी संयोजन में बदलाव की ओर इशारा करते हैं। दूसरी तरफ, जो रूट ने बेहतरीन बल्लेबाज़ी करते हुए आक्रामक और संयमित खेल का शानदार मिश्रण दिखाया। वह मौके का फायदा उठाते हुए रन बनाते रहे और भारत के लिए मुश्किलें बढ़ाते गए।

क्या है भारत की उम्मीद?-पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने उम्मीद जताई है कि भारत अभी भी मैच में वापसी कर सकता है। उनका मानना है कि अगर मौसम साफ़ रहा और भारतीय बल्लेबाज़ लंबी पारियाँ खेल पाए, तो इंग्लैंड पर दबाव बनाया जा सकता है। लेकिन पिच पर असमान उछाल बल्लेबाज़ों के लिए एक बड़ी चुनौती है, और यही इस मैच का नतीजा तय करेगा।

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