अयोध्या में दुर्गा मूर्ति विसर्जन को लेकर प्रशासन अलर्ट, DJ की आवाज से लेकर मूर्तियों तक के नियम निर्धारित

अयोध्या : दुर्गा पूजा, मूर्ति विसर्जन और दशहरा पर्व को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने बताया कि नवरात्रि और दशहरा के मद्देनजर थाना, तहसील और जिला स्तर पर व्यापक बैठकें आयोजित की गई हैं। प्रशासन का उद्देश्य त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना और श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी से बचाना है।
DJ और मूर्तियों के लिए तय मानकों का पालन जरूरी
जिलाधिकारी के अनुसार, दुर्गा प्रतिमाओं की स्थापना पारंपरिक व्यवस्था के तहत निर्धारित मानकों और तय ऊंचाई के अनुसार की जा रही है। DJ संचालकों के साथ बैठक कर उन्हें निर्धारित डेसिबल सीमा के भीतर ही ध्वनि बजाने और DJ की ऊंचाई तय मानकों के अनुरूप रखने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, शांति समिति की बैठकों में विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों और संभ्रांत नागरिकों ने त्योहारों को शांतिपूर्ण ढंग से मनाने में सहयोग देने का आश्वासन दिया है।
विसर्जन स्थलों का अधिकारियों ने किया निरीक्षण
मूर्ति विसर्जन की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों ने रुदौली के रेशघाट, महाकामाख्या धाम और जिला मुख्यालय के निर्मली कुंड व गुप्तारघाट सहित प्रमुख विसर्जन स्थलों का निरीक्षण किया है। सभी उपजिलाधिकारी (SDM) और संबंधित विभागों के अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण कर रहे हैं। प्रशासन का प्रयास है कि विसर्जन कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हो और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

