सेहत

दिल्ली में तेजी से फैल रहा Swine Flu, H1N1 के बढ़ते मामलों के बीच जानिए कब डॉक्टर के पास जाना है जरूरी

दिल्ली में स्वाइन फ्लू लगातार पैर पसार रहा है. इस सीजन में H1N1 के मामलों में लगभग छह गुना बढ़ोतरी हुई है. अब तक 1,300 से ज्यादा मामले सामने आए हैं, जबकि पिछले साल इसी समय यह संख्या लगभग 239 थी.  H1N1 इन्फ्लूएंजा A का एक प्रकार है, और शुरुआत में यह आम सर्दी-जुकाम जैसा ही लग सकता है. ज्यादातर लोग अपने-आप ठीक हो जाते हैं, लेकिन मामले बढ़ने के साथ इस बात पर गौर करने की जरूरत है कि आपको कब डॉक्टर के पास जाना चाहिए, यानी कौन से लक्षण सामान्य है और कौन से चिंता का विषय हैं.

World Cup 2027: 9 टीमों ने पक्की की जगह, वेस्टइंडीज पर मंडराया क्वालिफिकेशन का संकट

स्वाइन फ्लू को कैसे पहचानें? (How to recognize swine flu?)

स्वाइन फ्लू में बुखार अचानक और तेजी से आता है. सर्दी धीरे-धीरे बढ़ती है और हल्की रहती है. फ्लू का पता अचानक आने वाले बुखार, सिरदर्द और गले में खराश जैसे लक्षणों से चलता है.

थकान और शरीर का दर्द सामान्य से ज्यादा महसूस होता है. सिर्फ थकान ही नहीं, बल्कि पूरी तरह से निढाल हो जाना. साथ ही मांसपेशियों और जोड़ों में ऐसा दर्द जिससे रोजमर्रा के काम भी बहुत थकाऊ लगने लगते हैं.

खांसी, सूखी और गंभीर होती है. दूसरे लक्षण ठीक होने के बाद भी यह दो हफ्ते या उससे ज्यादा समय तक बनी रह सकती है. अगर खांसी और बिगड़ती जाए, या उसके साथ सांस लेने में दिक्कत महसूस हो तो आपको डॉक्टर के पास जाना चाहिए.

सांस लेने में मुश्किल होना या छाती में जकड़न महसूस होना. यह सिर्फ नाक बंद होने से कहीं ज्यादा गंभीर है और निमोनिया जैसी जटिलताओं का संकेत हो सकता है. ये उनके लिए खास तौर पर जोखिम भरा है, जिन्हें पहले से फेफड़ों या हार्ट की कोई समस्या है.

आप ठीक होने लगते हैं, फिर बीमारी दोबारा लौट आती है. बेहतर महसूस करने के बाद अगर बुखार या खांसी वापस आ जाए या बढ़ जाए, तो यह किसी दूसरे इन्फेक्शन का संकेत हो सकता है और इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

किसे होता है ज्यादा खतरा?

गर्भवती महिलाएं, पांच साल से कम उम्र के बच्चे, बुजुर्ग और कोई भी व्यक्ति जिसे लंबे समय से कोई बीमारी हो – जैसे दिल, फेफड़े, किडनी, लिवर या मेटाबोलिक से जुड़ी समस्या वाले लोगों को अधिक जोखिम होता है.

CG News: CM साय के नेतृत्व में बड़ी उपलब्धि, राजनांदगांव में EMC 2.0 को केंद्र की मंजूरी; 9 हजार नौकरियां होंगी सृजित

लक्षण दिखें तो क्या करें?

सिर्फ लक्षणों के आधार पर खुद बीमारी का पता लगाने की कोशिश न करें, क्योंकि कई तरह के रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन (सांस से जुड़े संक्रमण) एक जैसे दिखते हैं. आराम करें, शरीर में पानी की कमी न होने दें और दूसरों के संपर्क में आने से बचें, क्योंकि खांसी, छींक और एक दूसरे के संपर्क में आने से ये फैलता है.

 

News Desk

सटीकता, निष्पक्षता और जिम्मेदार पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्ध, हमारे रिपोर्टर जमीनी स्तर से महत्वपूर्ण खबरों को जुटाकर तथ्यों की पुष्टि के साथ पाठकों तक पहुँचाने का कार्य करते हैं। PratidinRajdhani.in के माध्यम से वे समाज, शहर और देश से जुड़ी प्रमुख घटनाओं एवं जनहित के मुद्दों को विश्वसनीय और तथ्यपरक तरीके से प्रस्तुत करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।
Back to top button