अमित शाह ने शहीद पुलिसकर्मियों को किया नमन, CRPF-कोबरा की तारीफ; बोले- पुलिस सेवा सबसे कठिन

नई दिल्ली : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नेशनल पुलिस स्मरण दिवस के अवसर पर पुलिस और सुरक्षा बलों के साहस, बलिदान और योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा के लिहाज से लंबे समय तक चुनौती बने रहे तीन प्रमुख क्षेत्र—कश्मीर, पूर्वोत्तर और नक्सल प्रभावित इलाके—अब शांति की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। शाह ने इस बदलाव का श्रेय सुरक्षा बलों के समर्पण, पुलिस की मेहनत और सरकार के प्रयासों को दिया। कार्यक्रम में उन्होंने कर्तव्य निभाते हुए शहीद हुए पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की।
कश्मीर, पूर्वोत्तर और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बदलाव का जिक्र
नेशनल पुलिस स्मरण दिवस परेड को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि भारत ने पिछले कई वर्षों में आंतरिक सुरक्षा से जुड़ी गंभीर चुनौतियों का सामना किया है। कश्मीर, पूर्वोत्तर और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र लंबे समय तक देश की सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती बने रहे।
गृह मंत्री के अनुसार, कश्मीर में आतंकवाद पर नियंत्रण पाने के लिए महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। वहीं, पूर्वोत्तर में शांति समझौतों और बड़ी संख्या में लोगों के हथियार छोड़ने से हालात में सुधार आया है। उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की भूमिका को भी अहम बताया।
CRPF, CoBRA और छत्तीसगढ़ पुलिस की तारीफ
अमित शाह ने नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और उसकी CoBRA बटालियनों के योगदान की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने कहा कि इन बलों ने नक्सलवाद की चुनौती से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने छत्तीसगढ़ पुलिस के साहस, धैर्य और समर्पण की भी प्रशंसा की। शाह ने कहा कि राज्य पुलिस ने नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए उल्लेखनीय योगदान दिया है। उन्होंने पुलिसकर्मियों के प्रति आभार जताते हुए उनके प्रयासों को देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताया।
पुलिस की नौकरी को बताया बेहद चुनौतीपूर्ण सेवा
अपने संबोधन में गृह मंत्री ने कहा कि पुलिस सेवा जिम्मेदारी और चुनौतियों से भरी होती है। आम नागरिक जहां त्योहारों और विशेष अवसरों पर अपने परिवार के साथ समय बिताते हैं, वहीं पुलिसकर्मी कानून-व्यवस्था बनाए रखने, यातायात प्रबंधन और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुटे रहते हैं।
उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी अपने जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष राष्ट्र की सेवा में समर्पित कर देते हैं। कई बार उन्हें परिवार से दूर रहकर भी अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना पड़ता है। देश की सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा के लिए उनका यह समर्पण सम्मान के योग्य है।
1959 की हॉट स्प्रिंग घटना को किया याद
अमित शाह ने 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग क्षेत्र में हुई घटना का उल्लेख करते हुए शहीद जवानों के बलिदान को याद किया। उन्होंने बताया कि उस दिन CRPF के 10 जवानों ने चीनी सेना के हमले का बहादुरी से सामना करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए थे।
इन्हीं जवानों की स्मृति में हर वर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस स्मरण दिवस मनाया जाता है। यह दिन देशभर के पुलिसकर्मियों और सुरक्षा बलों के बलिदान को याद करने तथा उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने का अवसर है।
शहीद पुलिसकर्मियों को पुष्प चक्र अर्पित कर दी श्रद्धांजलि
गृह मंत्री ने कहा कि आजादी के बाद से अब तक हजारों पुलिसकर्मी और सुरक्षा बलों के जवान देश की रक्षा करते हुए शहीद हो चुके हैं। उनके बलिदान ने देश की सीमाओं की सुरक्षा, आंतरिक शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने नेशनल पुलिस मेमोरियल पहुंचकर शहीद जवानों को पुष्प चक्र अर्पित किया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों, जवानों और शहीद परिवारों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए राष्ट्र की सुरक्षा में उनके योगदान को याद किया।

