छत्तीसगढ़ राजस्व विभाग में बड़े बदलाव, जमीन से जुड़े मामलों में अब डिजिटल रिकॉर्ड और आसान होगी त्रुटि सुधार प्रक्रिया

रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार के राजस्व विभाग ने भूमि और राजस्व से जुड़े मामलों को आसान, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव किए हैं। इन फैसलों का उद्देश्य आम नागरिकों और भू-स्वामियों को राजस्व मामलों में होने वाली परेशानियों से राहत देना और लंबित प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाना है।
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डिजिटल प्रणाली से रिकॉर्ड भेजने की व्यवस्था
राजस्व विभाग ने 2 अप्रैल 2025 को जारी विशेष आदेश के तहत भौतिक दस्तावेजों को डिजिटल स्वरूप में प्राप्त करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत भारसाधक अधिकारी को सत्यापनकर्ता की जिम्मेदारी दी गई है और राजस्व रिकॉर्ड ई-प्रणाली के माध्यम से मंगाए जा रहे हैं।
इस व्यवस्था से कागजी दस्तावेजों के आदान-प्रदान में लगने वाला समय कम हुआ है। डिजिटल माध्यम से रिकॉर्ड उपलब्ध होने के कारण राजस्व प्रकरणों के निराकरण की प्रक्रिया को भी गति मिलने का दावा किया गया है।
कृषि भूमि की अदला-बदली की प्रक्रिया आसान
किसानों और भू-स्वामियों को अपनी सुविधा के अनुसार कृषि भूमि की परस्पर अदला-बदली करने का कानूनी अधिकार है। इस प्रक्रिया को अधिक स्पष्ट और सुगम बनाने के लिए 21 अक्टूबर 2025 को नए मार्गदर्शी निर्देश जारी किए गए।
इन निर्देशों के जरिए कृषि भूमि की अदला-बदली से जुड़ी प्रक्रिया को व्यवस्थित करने का प्रयास किया गया है, जिससे किसानों को भूमि प्रबंधन में सुविधा मिल सके।
राजस्व रिकॉर्ड में त्रुटि सुधार अब आसान
राजस्व अभिलेखों में नाम, जाति, पता या फसल की प्रविष्टि जैसी लिपिकीय अथवा मामूली गलतियों के कारण लोगों को लंबे समय तक परेशानी का सामना करना पड़ता था। इस प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए 19 जुलाई 2024 की अधिसूचना के जरिए तहसीलदार को ऐसी त्रुटियों के सुधार के लिए अधिकृत किया गया है।
इससे सामान्य प्रकृति की गलतियों के सुधार के लिए लोगों को अनावश्यक लंबी प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत कम होगी और समय की बचत होगी।
अवैध प्लाटिंग पर कार्रवाई के निर्देश
राज्य में अवैध प्लाटिंग पर रोक लगाने के लिए राजस्व विभाग ने जनवरी 2026 में सभी जिला कलेक्टरों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके तहत जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित विशेष समिति अवैध प्लाटिंग के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई कर रही है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य अनधिकृत प्लाटिंग पर नियंत्रण के साथ जमीन खरीदने वाले लोगों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
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पुराने परिपत्र और निर्देश किए गए निरस्त
राजस्व प्रशासन की प्रक्रियाओं को मौजूदा जरूरतों के अनुरूप बनाने के लिए 23 जुलाई 2024 के आदेश के तहत नगरीय क्षेत्रों में शासकीय भूमि और अतिक्रमित भूमि के व्यवस्थापन एवं आवंटन से संबंधित वर्ष 2019, 2020 और 2022 के पुराने परिपत्रों और निर्देशों को निरस्त किया गया है।
राजस्व विभाग के इन बदलावों में डिजिटल ई-प्रणाली, प्रक्रियाओं का सरलीकरण, रिकॉर्ड के त्वरित संप्रेषण और राजस्व मामलों के जल्द निराकरण पर जोर दिया गया है। विभाग का कहना है कि इन सुधारों से आम नागरिकों के लिए राजस्व संबंधी सेवाओं को अधिक पारदर्शी और सुगम बनाने में मदद मिलेगी।

