पंजाब में नशे के खिलाफ बड़ा कदम: स्वतंत्रता दिवस पर CM भगवंत मान ने नई रिवॉर्ड पॉलिसी का किया ऐलान

पंजाब का नशे के खिलाफ महायुद्ध: स्वतंत्रता दिवस पर सीएम की बड़ी घोषणा!
नशे के सौदागरों पर कड़ा प्रहार: पुलिसकर्मियों के लिए बंपर इनाम!-इस स्वतंत्रता दिवस पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए नशे के खिलाफ अपनी सरकार की प्रतिबद्धता को और मजबूत किया है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि अब जो भी पुलिसकर्मी 1 किलो या उससे ज़्यादा हेरोइन की खेप पकड़ने में सफल होगा, उसे राज्य सरकार की ओर से 1.20 लाख रुपये का नकद इनाम दिया जाएगा। यह कदम न केवल पुलिस के मनोबल को बढ़ाएगा, बल्कि नशे के सौदागरों पर शिकंजा कसने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सीएम मान का मानना है कि यह लड़ाई सिर्फ नशा पकड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि नशे के आदी लोगों को इससे बाहर निकालने के लिए भी सरकार पूरी तरह समर्पित है।
शिक्षा में क्रांति: पंजाब ने मारी बाजी, पहले से पहले नंबर पर!-मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब की शिक्षा व्यवस्था में आए अभूतपूर्व सुधारों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कैसे उनकी सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुआ है। जहाँ 2017 में नेशनल अचीवमेंट सर्वे में पंजाब 29वें स्थान पर था, वहीं अब यह हर विषय में पहले नंबर पर आ गया है। यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि है जो राज्य की शिक्षा नीति की सफलता को दर्शाती है। स्कूलों में अब नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष पाठ्यक्रम भी शुरू किए जा रहे हैं, ताकि युवा पीढ़ी को इस बुरी लत से बचाया जा सके।
भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस: तहसीलें हुईं पारदर्शी!-मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले के समय में मंत्री और नेता अपनी गाड़ियों में नशा सप्लाई करवाते थे। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि नशा अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, लेकिन अब यह खुलेआम बिकना बंद हो गया है और जल्द ही इस पर भी पूर्ण विराम लग जाएगा। पंजाब को भारत का पहला एंटी-ड्रोन राज्य घोषित किया गया है, जिससे सीमा पार से होने वाली नशे की तस्करी को रोकने में मदद मिल रही है। इसके साथ ही, ऑनलाइन रजिस्ट्रियों को लागू करके तहसीलों को भ्रष्टाचार मुक्त बनाया गया है, जिससे आम आदमी को राहत मिली है।

