
सावन सोमवार व्रत में न करें ये 5 गलतियां, वरना दिनभर सताएगी चक्कर और कमजोरी की समस्या!
सावन का व्रत कई लोग पूरी श्रद्धा से रखते हैं, लेकिन इस दौरान खानपान में की गई छोटी-सी लापरवाही भी शरीर पर भारी पड़ सकती है. कई बार लोग सोचते हैं कि व्रत में कम खाना ही सही है, जबकि सच यह है कि शरीर को इस दौरान भी पानी, ऊर्जा और जरूरी पोषक तत्वों की जरूरत होती है. अगर ये जरूरतें पूरी नहीं होतीं, तो कमजोरी, चक्कर आना, सिरदर्द, थकान और बेचैनी जैसी दिक्कतें हो सकती हैं. अच्छी बात यह है कि कुछ आसान बातों का ध्यान रखकर इन परेशानियों से काफी हद तक बचा जा सकता है. आइए जानते हैं व्रत के दौरान होने वाली 5 आम गलतियों के बारे में.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!व्रत के दौरान कौन सी गलती करने से बचें-
1. डीप फ्राई व्यंजनों से बचें-
व्रत में कई लोग दिनभर साबूदाना वड़ा, आलू पेटिस, तली हुई टिक्की, चिप्स या दूसरी तली-भुनी फलाहारी चीजें खाते रहते हैं. इनमें कैलोरी और फैट ज्यादा हो सकता है, लेकिन जरूरी पोषक तत्व कम मिलते हैं. इन्हें ज्यादा खाने से पेट भारी लग सकता है, सुस्ती महसूस हो सकती है और पाचन भी बिगड़ सकता है. बेहतर है कि ऐसे खाने को सीमित रखें और थाली में मौसमी फल, दही, मखाना, दूध, राजगीरा और सूखे मेवे जैसी चीजों को भी जगह दें. इससे शरीर को ज्यादा संतुलित पोषण मिलेगा और दिनभर खुद को हल्का और ज्यादा एक्टिव महसूस करने में मदद मिल सकती है.
2. पानी कम पीना-
व्रत के दौरान कई लोग पानी भी सामान्य दिनों से कम पीते हैं. इससे शरीर में पानी की कमी हो सकती है, जो चक्कर, सिरदर्द और थकान की वजह बन सकती है. अगर आपका व्रत पानी पीने की अनुमति देता है, तो दिनभर थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें. नारियल पानी या नींबू पानी भी अच्छा विकल्प हो सकता है, अगर वह आपके व्रत के नियमों में शामिल हो.
3. एक बार में बहुत ज्यादा खाना-
पूरा दिन भूखे रहने के बाद एक साथ बहुत ज्यादा खाना भी सही नहीं माना जाता. ये पेट के लिए भारी पड़ सकता है और इससे गैस की समस्या हो सकती है. बेहतर है कि थोड़ी-थोड़ी मात्रा में खाएं और अच्छी तरह चबाकर खाएं.
4. चाय और कॉफी-
कुछ लोग भूख दबाने या खुद को ताजा महसूस कराने के लिए बार-बार चाय या कॉफी पीते हैं. ज्यादा मात्रा में कैफीन लेने से कुछ लोगों में शरीर से पानी की कमी बढ़ सकती है. खाली पेट ज्यादा चाय या कॉफी पीने से घबराहट, एसिडिटी या बेचैनी भी हो सकती है.
5. कमजोरी के संकेतों को नजरअंदाज करना-
अगर व्रत के दौरान बार-बार चक्कर आएं, बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस हो, पसीना आए या बेहोशी जैसा लगे, तो इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. खासकर डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, किडनी की बीमारी, गर्भावस्था या दूसरी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं वाले लोगों को ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए.
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नोटः व्रत का मतलब सिर्फ भूखे रहना नहीं, बल्कि शरीर का ध्यान रखना भी है. इसलिए समय पर पानी पीएं, जरूरत के हिसाब से संतुलित व्रत वाला खाना खाएं और लंबे समय तक खाली पेट रहने से बचें. अगर आपको पहले से कोई बीमारी है या नियमित दवा चल रही है, तो व्रत रखने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर रहेगा.

