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Earthquake Big News : भूकंप से म्यांमार में अब तक 700 लोगों की मौत, भारत ने म्यांमार भेजी राहत सामग्री

बर्मा। म्यामांर में शुक्रवार को आए भूकंप में मरने वालों की संख्या 700 के करीब तक जा पहुंची है। अब तक 694 लोगों के मरने की पुष्टि म्यांमार शासन कर दी है। हर तरफ लाशें बिखरीं पड़ी हैं।

अमेरिकी भौगोलिक सर्वेक्षण के मुताबिक यह भूकंप दस किलो मीटर की गहराई पर था। भूकंप का केन्द्र मांडले शहर से लगभग 17.2 किलो मीटर दूर बताया गया है। चीन की समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक म्यांमार में अभी तक 694 लोगों के मरने की पुष्टि हो चुकी हैै। लगातार मलबे को हटाया जा रहा है। उधर शनिवार को भी म्यांमार से सटे दक्षिण पश्चिमी युन्नान प्रांत में भी झटके महसूस किए गए। हालांकि वहां से किसी जान-माल के नुकासन की खबर नहीं हैं।

भारत ने म्यांमार भेजी राहत सामग्री
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया कि भारत की ओर से म्यांमार में राहत और बचाव सामग्री भेज दी गई है। उन्होंने बताया कि भारतीय वायुसेना का सी-130 विमान कंबल, तिरपाल, स्वच्छता किट, स्लीपिंग बैग, सोलर लैंप, भोजन के पैकेट और रसोई सेट लेकर उड़ान भर रहा है। इस विमान में रेस्क्यू और मेडिकल टीम भी जा रही है। हम इस घटनाक्रम पर नजर रखे हुए हैं और आगे भी मदद पहुंचाई जाएगी।

भूकंप के बाद श्रीलंका ने म्यांमार, थाईलैंड के प्रति की संवेदना व्यक्त
श्रीलंका के विदेश मंत्रालय, विदेशी रोजगार और पर्यटन ने एक बयान में कहा कि वह शुक्रवार को म्यांमार और थाईलैंड में आए भूकंप से प्रभावित लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है। मंत्रालय ने उन लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है और जो लोग घायल हुए हैं उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। मंत्रालय ने थाईलैंड और म्यांमार में श्रीलंकाई लोगों से सतर्क रहने और यांगून और बैंकॉक में श्रीलंकाई दूतावासों से संपर्क करने का अनुरोध किया।

म्यांमार भूकंप से पड़ोसी चीनी प्रांत में 1,700 लोग प्रभावित
बीजिंग: म्यांमार में आए 7.7 तीव्रता के भूकंप से दक्षिण-पश्चिमी चीनी प्रांत युन्नान में 1,700 से ज़्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। सरकारी चीनी टेलीविजन चैनल सीसीटीवी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। भूकंप से सीमावर्ती जिले रुइली में 458 घर प्रभावित हुए, कुल 1,705 लोग प्रभावित हुए। दो लोग घायल हुए। कई ऊंची इमारतें और पुराने घर क्षतिग्रस्त हो गए। पानी और बिजली की आपूर्ति, सार्वजनिक परिवहन और दूरसंचार सेवाएँ बाधित हुईं। भूकंप का असर म्यांमार के पड़ोसी पाँच देशों में भी महसूस किया गया। म्यांमार के प्रधानमंत्री मिन आंग ह्लाइंग ने कहा कि इस आपदा में कम से कम 144 लोगों की मौत हो गई। आपातकालीन स्थिति के रूसी मंत्रालय ने आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रयास में म्यांमार की सहायता के लिए बचाव दल को ले जाने वाले दो विमान भेजे।

 

News Desk

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