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मुश्किल दौर से उभरते किदांबी श्रीकांत ने फिर दिखाई दमदार वापसी, मलेशिया मास्टर्स में पहली सेमीफाइनल में पहुंचे

 एक साल बाद सेमीफाइनल में किदांबी श्रीकांत की शानदार वापसी!-किदांबी श्रीकांत ने मलेशिया मास्टर्स में कमाल कर दिखाया है! एक साल बाद वो किसी टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुँच गए हैं। क्वार्टर फाइनल में उन्होंने फ्रांस के टॉमा जूनियर पोपोव को 24-22, 17-21, 22-20 से हराया। ये जीत इसलिए भी ख़ास है क्योंकि श्रीकांत पिछले कुछ समय से चोटों और खराब फॉर्म से जूझ रहे थे। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार पांच मैच जीतकर सेमीफाइनल में अपनी जगह बनाई।

 नंबर वन खिलाड़ी की वापसी-श्रीकांत कभी दुनिया के नंबर एक बैडमिंटन खिलाड़ी रह चुके हैं। उन्होंने 2021 वर्ल्ड चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता था और 2017 में चार बड़े टूर्नामेंट जीते थे। इस जीत के बाद उन्होंने कहा, “काफी समय बाद इतने मैच लगातार जीतना बहुत अच्छा लग रहा है। मेरी मेहनत रंग ला रही है।” ये जीत उनके लिए और भी खास है क्योंकि इससे पहले वो पोपोव से दो बार हार चुके थे।

अगली चुनौती: जापान के तनाका-अब सेमीफाइनल में श्रीकांत का मुकाबला जापान के युशी तनाका से होगा। तनाका ने इस साल कई बड़े टूर्नामेंट जीते हैं, और यहाँ तक की उन्होंने इसी टूर्नामेंट में भारत के एचएस प्रणय को भी हराया है। ये श्रीकांत के लिए एक बड़ी चुनौती है, लेकिन साथ ही, अपनी पिछली हार का बदला लेने का एक शानदार मौका भी।

 रोमांचक मुकाबला: उतार-चढ़ाव भरा मैच-श्रीकांत ने पहले गेम की शानदार शुरुआत की, लेकिन पोपोव ने वापसी करते हुए स्कोर बराबर कर दिया। पहला गेम बहुत ही कांटे का रहा, जिसमें श्रीकांत ने अपनी होशियारी से जीत हासिल की। दूसरे गेम में पोपोव ने बढ़त बना ली। तीसरे और आखिरी गेम में दोनों खिलाड़ियों ने शानदार खेल दिखाया, स्कोर लगातार बदलता रहा। आखिरकार, पोपोव की कुछ गलतियों का फायदा उठाकर श्रीकांत ने मैच जीत लिया।

कड़ी मेहनत का नतीजा: बदलाव साफ दिख रहा है-श्रीकांत के खेल में अब एक बड़ा बदलाव साफ दिख रहा है। वह अब दबाव में भी शांत रहकर खेल रहे हैं। पिछले तीन महीनों में उन्होंने अपनी फिटनेस पर खूब ध्यान दिया, अपनी रैलियों में तेज़ी लाई और अपनी तकनीक में सुधार किया। उनके कोच, गुरुसाईदत्त और पारुपल्ली कश्यप ने भी उनकी बहुत मदद की है।

भारत की आखिरी उम्मीद-अब इस टूर्नामेंट में श्रीकांत ही भारत की आखिरी उम्मीद हैं। मिक्स्ड डबल्स में भारतीय जोड़ी हार गई है। सबकी नज़रें अब श्रीकांत पर हैं कि क्या वह इस शानदार वापसी को खिताब में बदल पाएंगे।

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