
नगरीय निकाय निर्वाचन हेतु व्यय प्रेक्षकों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दिया गया प्रशिक्षण
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा व्यय की निगरानी हेतु उनके कर्तव्यों से कराया गया अवगत
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!रायपुर, दिनांक 27 जनवरी 2025: छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह के निर्देश एवं सचिव डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे के मार्गदर्शन में आगामी नगरीय निकाय चुनाव 2025 की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा व्यय प्रेक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया । यह प्रशिक्षण आयोग के नवा रायपुर, अटल नगर स्थित कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संपन्न हुआ। इस सत्र में निर्वाचन हेतु नियुक्त सभी व्यय प्रेक्षकों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि व्यय प्रेक्षक निर्वाचन प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्हें यह सुनिश्चित करना होता है कि चुनावी गतिविधियों में निर्धारित सीमा से अधिक व्यय न हो और सभी खर्चों का विवरण नियमों के अनुरूप प्रस्तुत किया जाये।
प्रशिक्षण के दौरान व्यय प्रेक्षकों को उनके दायित्वों और कर्तव्यों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। मुख्य रूप से उम्मीदवारों के चुनावी खर्च पर निगरानी, व्यय सीमा का पालन सुनिश्चित करना, और पारदर्शिता बनाए रखना इस प्रशिक्षण का केंद्र बिंदु था।
प्रशिक्षण में बताया गया कि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार पांच लाख से अधिक की जनसंख्या वाले नगर निगम में महापौर हेतु अधिकतम 25 लाख रूपये, तीन से पांच लाख जनसंख्या वाले नगर निगम में महापौर हेतु अधिकतम 20 लाख रूपये एवं तीन लाख से कम जनसंख्या होने पर अधिकतम 15 लाख रूपये खर्च की जा सकती है। इसी प्रकार पचास हजार और उससे अधिक जनसंख्या वाले नगर पालिका के अध्यक्ष के लिए अधिकतम 10 लाख रूपये तथा पचास हजार के कम जनसंख्या वाले क्षेत्रों के लिए अधिकतम 8 लाख रूपये खर्च की जा सकती है तथा नगर पंचायत के अध्यक्ष हेतु सभी के लिए अधिकतम व्यय की सीमा 6 लाख रूपये खर्च की जा सकती है। इस अवसर पर आयोग की उप सचिव डॉ. नेहा कपूर एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। आयोग के मास्टर ट्रेनर राकेश डेंढ़गवें ने प्रशिक्षण दिया।

