नवीन धान उपार्जन केंद्रों की स्वीकृति से किसानों को मिलेगी बड़ी सुविधा — मंत्री श्री दयालदास बघेल

रायपुर। प्रदेश में किसानों को उनकी धान उपज के विक्रय के लिए बेहतर एवं सुविधाजनक व्यवस्था उपलब्ध कराने की दिशा में नवीन धान उपार्जन केंद्रों की स्वीकृति महत्वपूर्ण पहल है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री दयालदास बघेल ने कहा कि किसानों की सुविधा और हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए धान उपार्जन व्यवस्था को लगातार अधिक सुलभ एवं प्रभावी बनाया जा रहा है।
नवीन धान उपार्जन केंद्रों के लिए स्वीकृत सूची में मनेन्द्रगढ़-भरतपुर-चिरमिरी, मुंगेली, बिलासपुर, बेमेतरा, धमतरी, कबीरधाम, सारंगढ़-बिलाईगढ़ तथा कांकेर सहित विभिन्न जिलों के केंद्र शामिल हैं। इन केंद्रों के संचालन से संबंधित क्षेत्रों के किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए नजदीक में ही सुविधा उपलब्ध होगी।
प्रदेश में धान खरीदी व्यवस्था के अंतर्गत किसानों से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार धान का उपार्जन किया जाता है। किसानों के लिए पंजीयन, उपार्जन केंद्रों पर धान की तौल एवं गुणवत्ता परीक्षण, ऑनलाइन प्रविष्टि तथा भुगतान जैसी व्यवस्थाओं को व्यवस्थित रूप से संचालित किया जाता है। उपार्जन केंद्रों की उपलब्धता बढ़ने से किसानों को अपनी उपज लेकर लंबी दूरी तय करने की परेशानी कम होगी और धान विक्रय प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक बनेगी।
श्री बघेल ने कहा कि धान खरीदी प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था और किसानों की आय से सीधे जुड़ी महत्वपूर्ण व्यवस्था है। राज्य सरकार का प्रयास है कि किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी न हो तथा उपार्जन केंद्रों पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रहें। नवीन केंद्रों की स्वीकृति इसी उद्देश्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
नजदीकी धान उपार्जन केंद्र उपलब्ध होने से किसानों के समय, श्रम और परिवहन व्यय में कमी आने के साथ ही स्थानीय स्तर पर धान विक्रय की सुविधा मजबूत होगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में धान खरीदी व्यवस्था की पहुंच और अधिक व्यापक एवं सुविधाजनक होगी।
किसानों की सुविधा और हितों को केंद्र में रखकर प्रदेश की धान खरीदी व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है। नवीन धान उपार्जन केंद्रों के संचालन से किसानों को अपनी उपज के विक्रय के लिए बेहतर, सुगम और नजदीकी सुविधा उपलब्ध होगी।

