छत्तीसगढ़ में ₹350 करोड़ का निवेश प्रस्ताव, सिंगापुर की कंपनी बनाएगी एग्रो-फूड प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट हब

रायपुर : छत्तीसगढ़ में कृषि आधारित उद्योगों और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा निवेश प्रस्ताव सामने आया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सिंगापुर मुख्यालय वाली ग्लोबल एग्रीबिजनेस कंपनी वैलेंसी इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड को राज्य में ₹350 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव दिया है। कंपनी प्रस्तावित निवेश के तहत छत्तीसगढ़ में इंटीग्रेटेड एग्रो एवं फूड प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट हब स्थापित करेगी।
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वैलेंसी इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड दुनिया के 22 देशों में कारोबार करती है। कंपनी के वैश्विक अनुभव और नेटवर्क का इस्तेमाल छत्तीसगढ़ के कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के लिए किया जा सकता है। प्रस्तावित परियोजना के तहत कृषि उपज की प्रोसेसिंग से लेकर पैकेजिंग और निर्यात तक की एकीकृत व्यवस्था विकसित करने पर जोर रहेगा।
काजू, तिल, दाल और मूंगफली की होगी प्रोसेसिंग
प्रस्तावित एग्रो एवं फूड प्रोसेसिंग हब में विशेष रूप से काजू, तिल, दालों और मूंगफली जैसी कृषि उपज की प्रोसेसिंग की जाएगी। इससे किसानों को अपनी उपज की स्थानीय स्तर पर प्रोसेसिंग कराने का अवसर मिल सकेगा। कृषि उत्पादों की ग्रेडिंग, पैकेजिंग और मूल्य संवर्धन जैसी गतिविधियां भी राज्य के भीतर किए जाने की योजना है।
इससे कृषि उपज को केवल कच्चे माल के रूप में बाहर भेजने के बजाय राज्य में ही उसका मूल्य बढ़ाया जा सकेगा। साथ ही किसानों के लिए बाजार के नए विकल्प विकसित होने की उम्मीद है।
किसानों को मिल सकते हैं नए बाजार
प्रस्तावित परियोजना का प्रमुख उद्देश्य छत्तीसगढ़ के कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ना है। कंपनी के विभिन्न देशों में मौजूद कारोबारी नेटवर्क के माध्यम से राज्य में उत्पादित कृषि उपज के लिए अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तक पहुंच बनाने की संभावना है।
एग्रो प्रोसेसिंग हब के जरिए किसानों को स्थानीय स्तर पर ही अपनी उपज के लिए अतिरिक्त बाजार विकल्प मिल सकते हैं। इससे कृषि क्षेत्र में उत्पादन के साथ-साथ प्रोसेसिंग और मार्केटिंग की गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
रोजगार के नए अवसर बनने की उम्मीद
₹350 करोड़ के प्रस्तावित निवेश से राज्य में रोजगार के अवसर भी विकसित हो सकते हैं। फूड प्रोसेसिंग यूनिट के संचालन के अलावा पैकेजिंग, भंडारण, परिवहन, कृषि उपज की खरीद और निर्यात से जुड़ी गतिविधियों में स्थानीय स्तर पर रोजगार की संभावनाएं बनेंगी।
सरकार ने इस प्रस्ताव को छत्तीसगढ़ की ‘खेत से ग्लोबल बाजार तक’ की यात्रा से जोड़कर देखा है। योजना आगे बढ़ने पर कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग से लेकर उनके निर्यात तक की व्यवस्था एकीकृत रूप से विकसित की जा सकती है।
प्रस्तावित निवेश से किसानों को नए बाजार उपलब्ध कराने, कृषि उपज का मूल्य बढ़ाने और राज्य में कृषि आधारित उद्योगों के विस्तार की दिशा में अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

