पीएम-जनमन के तहत मोबाइल मेडिकल यूनिट्स से 78,000 से अधिक विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTGs) को मिला लाभ

रायपुर : 17 अगस्त देश जब 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है, ऐसे समय में छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम-जनमन) के तहत संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट्स (MMUs) ने विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTGs) के 78,000 से अधिक लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।
एमएमयू एम्बुलेंस का संचालन करने वाली निजी सेवा प्रदाता फर्म के परियोजना निदेशक चेतन शर्मा ने बताया कि आठ महीने से भी कम समय में, छत्तीसगढ़ में पीएम-जनमन स्वास्थ्य कार्यक्रम ने पीवीटीजी तक आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को आसान बनाया है। उन्होंने आगे कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से पीवीटीजी वर्ग के 78,000 से अधिक लोगों तक पहुंच बनाना और उन समुदायों तक सीधे स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना एक बड़ी सफलता है, जो अक्सर कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और पहुंच संबंधी चुनौतियों का सामना करते हैं।
शर्मा के अनुसार, अब तक 10,000 से अधिक स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा चुके हैं और 1.8 लाख से अधिक पंजीकरण पूरे हो चुके हैं। इसी तरह, 2.2 लाख से अधिक परामर्श दिए गए हैं और 3.6 लाख से अधिक जांच (डायग्नोस्टिक टेस्ट) की गई हैं। इसके अलावा, इस कार्यक्रम के तहत 75 लाख से अधिक दवाएं वितरित की गई हैं और 82,000 से अधिक फॉलो-अप पूरे किए गए हैं। उन्होंने बताया कि यह पहल 18 जिलों में 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स के माध्यम से चलाई जा रही है, जिनमें से प्रत्येक में एक एमबीबीएस डॉक्टर, नर्स और एक लैब तकनीशियन की समर्पित टीम तैनात है।
छत्तीसगढ़ में पीएम-जनमन की यह त्वरित प्रगति इस यात्रा की सफलता की कहानी में एक और नया अध्याय जोड़ती है। यह दर्शाती है कि कैसे व्यावहारिक अनुभव, मोबाइल हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीक मिलकर भारत के सबसे संवेदनशील समुदायों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचा सकते हैं। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पिछले वर्ष 31 दिसंबर को इन 57 एमएमयू (MMU) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।

