
NSE ने मारी बाजी: तिमाही मुनाफे में जबरदस्त उछाल!-नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने जून 2025 की अपनी पहली तिमाही की रिपोर्ट जारी कर दी है, और नतीजे बेहद शानदार हैं! कंपनी के मुनाफे में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली है, जिससे निवेशकों में खुशी की लहर है। आइए, इस रिपोर्ट पर एक नज़र डालते हैं और जानते हैं कि NSE ने यह कामयाबी कैसे हासिल की।
मुनाफे में आसमान छूती उड़ान-NSE का कंसॉलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स इस तिमाही में 14% बढ़कर 2,924 करोड़ रुपये हो गया है। यह पिछले साल की इसी तिमाही के 2,567 करोड़ रुपये के मुकाबले काफी ज़्यादा है। इस बढ़ोतरी के पीछे कई कारण हैं, जैसे निवेश की बिक्री, टैक्स रिफंड, और सेबी सेटलमेंट फीस। कुल मिलाकर, यह एक बेहतरीन प्रदर्शन है जो NSE की मज़बूत आर्थिक स्थिति को दर्शाता है।
आय में मामूली कमी, लेकिन खर्चों में बड़ी बचत!-हालांकि, NSE की कुल आय में थोड़ी कमी आई है – 3% की गिरावट के साथ यह 4,798 करोड़ रुपये रही (पिछले साल 4,950 करोड़ रुपये)। लेकिन, अच्छी बात यह है कि कंपनी ने अपने खर्चों में 31% की भारी कटौती की है, जो अब 1,053 करोड़ रुपये रह गए हैं। खर्चों में यह कमी ही मुनाफे में बढ़ोतरी का सबसे बड़ा कारण है, जो दिखाता है कि NSE कितनी कुशलता से अपने संसाधनों का इस्तेमाल कर रही है।
सरकार को भारी भरकम योगदान-NSE ने सरकार को कुल 14,331 करोड़ रुपये का योगदान दिया है, जिसमें टैक्स और दूसरी देनदारियाँ शामिल हैं। यह राशि NSE के देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान को दर्शाती है।
STT/CTT से सबसे ज़्यादा कमाई-इस 14,331 करोड़ रुपये में से 12,338 करोड़ रुपये सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (STT) और कमोडिटी ट्रांजेक्शन टैक्स (CTT) से आए हैं। कैश मार्केट से 54% और इक्विटी डेरिवेटिव से 46% हिस्सा आया है। यह दिखाता है कि NSE के दोनों प्रमुख मार्केट कितने ज़्यादा सक्रिय और मुनाफ़े वाले हैं।

