देश-विदेश
Trending

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने देशवासियों को दी गणेश चतुर्थी की बधाई, मोदी ने कहा-गणेशोत्सव राष्ट्र जागरण का पर्व

नई दिल्ली । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज समस्त देशवासियों को गणेश चतुर्थी के पावन पर्व पर बधाई दी है। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री मोदी ने अपने-अपने एक्स हैंडल पर शुभकामना संदेश प्रेषित किए हैं। देशभर में आज से गणेशोत्सव शुरू हो रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि गणेशोत्सव राष्ट्र जागरण का भी पर्व है।

भगवान गणेश हिंदू धर्म में विघ्नहर्ता और प्रथमपूज्य देवता के रूप में पूजे जाते हैं। वो अशुभता को दूर कर शुभ फल प्रदान करते हैं। गणेश चतुर्थी से ही 10 दिवसीय गणेशोत्सव का आगाज होता है। इस वर्ष गणेश चतुर्थी सात सितंबर को मनाई जा रही है। देश के लगभग हर हिस्से में सुबह भगवान गणेश की मंदिरों में आरती की गई।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा है,” मैं सभी देशवासियों को गणेश चतुर्थी के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं देती हूं। देश के अनेक भागों में सामूहिक उल्लास से मनाया जाने वाला यह पर्व सामाजिक ऊर्जा का सुंदर उदाहरण प्रस्तुत करता है। हमारी परंपरा में भगवान श्रीगणेश को मंगलदाता और विघ्नहर्ता माना जाता है। गणेश चतुर्थी के इस शुभ अवसर पर मैं ईश्वर से प्रार्थना करती हूं कि वे आपदाओं से सबकी रक्षा करें और समृद्धि का संचार करें। गणपति बाप्पा मोरया! ”
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक्स हैंडल पर वीडियो संदेश में कहा, ”समस्त देशवासियों को गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाएं। गणपति बाप्पा मोरया! ” उन्होंने कहा है भगवान गणेशजी विघ्नहर्ता हैं। उत्सव समाज की शक्ति होते हैं। उत्सव समाज नए प्राणों का संचार करते हैं। गली-गली में सजने वाले गणेश पंडाल युवाओं को नेतृत्व की क्षमता प्रदान करते हैं। ऐसे में लोकमान्य तिलक बहुत याद आते हैं। गणेशोत्सव लोकमान्य तिलक की देन है। उन्होंने इस धार्मिक अवसर को राष्ट्र जागरण का पर्व बना दिया।

News Desk

सटीकता, निष्पक्षता और जिम्मेदार पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्ध, हमारे रिपोर्टर जमीनी स्तर से महत्वपूर्ण खबरों को जुटाकर तथ्यों की पुष्टि के साथ पाठकों तक पहुँचाने का कार्य करते हैं। PratidinRajdhani.in के माध्यम से वे समाज, शहर और देश से जुड़ी प्रमुख घटनाओं एवं जनहित के मुद्दों को विश्वसनीय और तथ्यपरक तरीके से प्रस्तुत करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।
Back to top button
📰 E-Paper