सावन उत्सव में राज्य सभा सांसद लक्ष्मी वर्मा के करकमलों 6 पुस्तकों का विमोचन

रायपुर : जय जोहार साहित्य एवं संस्कृति संस्थान, छत्तीसगढ़ राजधानी रायपुर के वृंदावन हॉल, सिविल लाइन में “पुस्तक विमोचन समारोह एवं सावन उत्सव” का भव्य आयोजन किया गया। साहित्य, संस्कृति और सृजनधर्मिता को समर्पित इस कार्यक्रम में प्रदेश के प्रतिष्ठित साहित्यकारों, साहित्य प्रेमियों एवं गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही कार्यक्रम में आमंत्रित सभी अतिथियों एवं साहित्य प्रेमियों का संस्थान ने आत्मीय स्वागत किया ।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा थी, जबकि छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा कार्यक्रम की अध्यक्षता किये। विशिष्ट अतिथियों में वरिष्ठ साहित्यकार गिरीश पंकज, विश्व हिंदी महासंघ के निदेशक नर्मदा प्रसाद मिश्र ‘नरम’, वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. सुधीर शर्मा तथा कान्यकुब्ज ब्राह्मण समाज सभा एवं शिक्षा मंडल के अध्यक्ष सुरेश मिश्रा विशेष रूप से उपस्थित थे। कार्यक्रम का संयोजन डॉ. सीमा निगम तथा संचालन पतंजलि मिश्र ‘परम’ ने किया।
कार्यक्रम की शुरुआत सावन आधारित रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम से हुआ मुख्य अतिथि, अध्यक्ष एवं सभी विशिष्ट अतिथियों के आगमन के बाद पुस्तक विमोचन का मुख्य समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती गीत व गणेश वंदना से हुई।

कार्यक्रम में बलौदाबाजार के वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार राजेश मिश्रा की दो कृतियों “सर्द सुबह का सूरज” तथा “मेरे गीतों में तुम” पर परिचर्चा हुई । महाराष्ट्र की ख्यातिलब्ध लेखिका एवं गीतकार सुमन गोपाल दुबे ‘स्वामिनी’ की पुस्तकों “सत्रहवाँ श्रृंगार” एवं “दो ही पंक्तियाँ” पर चर्चा की की । भाटापारा की वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. सीमा अवस्थी ‘मिनी’ की पुस्तकों “शानविका” तथा “भावना के रंग” पर साहित्यिक परिचर्चा आयोजित की गई।
मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों के प्रेरक उद्बोधन हुआ । सावन आधारित पुनः प्रस्तुति के पश्चात महोत्सव के सावन सुंदरी विजेता जोशी बहनों को अतिथियों द्वारा स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया तीन 3 लोगों को सांत्वना पुरस्कार दिया गया एवं सभी को आकर्षक उपहार दिया गया। सुमन गोपाल दुबे स्वामिनी आभार प्रकट कर ने के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
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जय जोहार साहित्य-संस्कृति संस्थान की संगठन सचिव प्रीति मिश्रा ने कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि साहित्य के विभिन्न रूपों और रचनात्मक अभिव्यक्तियों को मंच मिला तथा उपस्थित साहित्यप्रेमियों ने पुस्तकों के विमोचन को साहित्यिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया। जय जोहार साहित्य एवं संस्कृति संस्थान छत्तीसगढ़ की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में साहित्य और संस्कृति के प्रति सक्रिय सहभागिता देखने को मिली। पुस्तक विमोचन समारोह ने राजधानी में साहित्यिक गतिविधियों को लेकर एक महत्वपूर्ण आयोजन के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
