
रुपया: हल्का सुधार, लेकिन वैश्विक अनिश्चितता बरकरार-भारतीय रुपया मंगलवार को थोड़ा मजबूत हुआ, लेकिन वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बनी हुई है जिससे रुपये की उन्नति सीमित रही है। आइये विस्तार से जानते हैं।
रुपये में सीमित सुधार-घरेलू शेयर बाजार में बढ़त के बावजूद, रुपया डॉलर के मुकाबले केवल 5 पैसे ही मजबूत होकर 86.26 पर पहुंच पाया। वैश्विक स्तर पर व्यापारिक टैरिफ को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, जिससे रुपये की चाल सीमित है और बाजार सतर्कता से काम कर रहा है। यह मामूली सुधार व्यापारियों के लिए एक सकारात्मक संकेत हो सकता है, लेकिन बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं की जा सकती।
डॉलर इंडेक्स में बढ़त और ट्रेड डील की डेडलाइन-डॉलर इंडेक्स 0.03% बढ़कर 97.88 पर पहुंच गया है। निवेशक 1 अगस्त की ट्रेड डील की डेडलाइन का इंतजार कर रहे हैं। अगर डील नहीं हुई, तो टैरिफ बढ़ सकते हैं, जिससे वैश्विक व्यापार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है और रुपये पर भी दबाव बढ़ सकता है। यह डेडलाइन बाजार की गतिविधियों को प्रभावित करने वाला एक महत्वपूर्ण कारक है।
कच्चे तेल में गिरावट और अमेरिका-यूरोप ट्रेड तनाव-ब्रेंट क्रूड 0.81% गिरकर 68.65 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। अमेरिका और यूरोप के बीच बढ़ते ट्रेड टकराव से कच्चे तेल की मांग को लेकर चिंता बढ़ी है। इससे तेल की खपत और आर्थिक गतिविधियों पर बुरा असर पड़ सकता है, जिससे रुपये पर भी अप्रत्यक्ष प्रभाव पड़ सकता है। वैश्विक तेल बाजार की स्थिरता रुपये के लिए अहम है।
RBI का हस्तक्षेप और डॉलर की मांग-विदेशी निवेशकों की ओर से डॉलर की मांग बनी हुई है। RBI ऊपरी स्तर पर डॉलर बेचकर रुपये को गिरने से रोकने की कोशिश कर रहा है। इस वजह से रुपये की चाल सीमित है। RBI का यह कदम रुपये को स्थिर रखने में मददगार है, लेकिन यह दीर्घकालिक समाधान नहीं है।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौता और रुपये का भविष्य-भारत-अमेरिका व्यापार समझौता रुपये के लिए महत्वपूर्ण है। 1 अगस्त से पहले कोई समझौता नहीं होने पर भारतीय निर्यातकों पर दबाव बढ़ सकता है, जिससे रुपये पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। इस समझौते का परिणाम रुपये के भविष्य के लिए निर्णायक होगा।
अगस्त में अमेरिकी टीम का भारत आगमन-अमेरिकी टीम अगस्त में भारत आएगी ताकि ट्रेड एग्रीमेंट पर अगले दौर की बातचीत हो सके। इस बातचीत का परिणाम रुपये के साथ-साथ भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी असर डालेगा। सभी को इस बात का इंतज़ार है कि इस दौर की बातचीत में क्या नतीजा निकलता है।
शेयर बाजार में तेजी, लेकिन FII की बिकवाली-घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार को हल्की तेजी रही। हालांकि, FII ने सोमवार को 1,681.23 करोड़ रुपये की बिकवाली की, जिससे बाजार में थोड़ी अस्थिरता है। यह विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर नज़र रखना ज़रूरी है।

