
विंबलडन महिला डबल्स के फाइनल में दर्शकों को रोमांच से भर देने वाला मुकाबला देखने को मिला। रूस की वेरोनिका कुदेरमेटोवा और बेल्जियम की एलिस मेर्टेंस की जोड़ी ने दमदार खेल दिखाते हुए हसीह सु-वेई और येलेना ओस्टापेंको की अनुभवी जोड़ी को 3-6, 6-2, 6-4 से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। यह मुकाबला उतार-चढ़ाव और संघर्ष से भरपूर रहा, जिसमें दोनों टीमों ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया, लेकिन निर्णायक पलों में कुदेरमेटोवा और मेर्टेंस की जोड़ी ने धैर्य और जुझारूपन दिखाते हुए इतिहास रच दिया।
कुदेरमेटोवा का पहला ग्रैंड स्लैम
इस खिताबी जीत के साथ वेरोनिका कुदेरमेटोवा पहली बार ग्रैंड स्लैम चैंपियन बन गईं। उनके लिए यह लम्हा बेहद खास रहा क्योंकि 2021 के विंबलडन फाइनल में वह हार का सामना कर चुकी थीं। वहीं, एलिस मेर्टेंस के करियर की यह पांचवीं ग्रैंड स्लैम डबल्स ट्रॉफी है और विंबलडन में उनका यह दूसरा खिताब है। दिलचस्प बात यह रही कि 2021 के फाइनल में ये दोनों खिलाड़ी एक-दूसरे के खिलाफ खेल रही थीं। लेकिन इस बार ये पहली बार एक साथ जोड़ी बनाकर विंबलडन में उतरीं और खिताब भी साथ ही जीता।
तीसरे सेट में जोरदार वापसी
फाइनल मुकाबले में शुरुआत कुदेरमेटोवा और मेर्टेंस के लिए आसान नहीं रही। पहला सेट 3-6 से गंवाने के बाद उन्होंने जोरदार वापसी की और दूसरा सेट 6-2 से अपने नाम कर मुकाबले को बराबरी पर ला दिया। निर्णायक तीसरे सेट में भी यह जोड़ी 2-4 से पीछे चल रही थी, लेकिन वहां से उन्होंने जबरदस्त खेल दिखाते हुए लगातार चार गेम जीतकर स्कोर 6-4 किया और खिताबी जीत दर्ज की।

