
Microsoft का कमाल, डेवलप किया ऐसा स्टोरेज चिप, जो 10000 साल तक सुरक्षित रखेगा डेटा
Microsoft ने एक ऐसा स्टोरेज डिवाइस बनाया है, जो 4 टेराबाइट डेटा को करीब 10,000 साल तक सुरक्षित रख सकता है। अमेरिकी टेक कंपनी के रिसर्चर्स ने इस स्टोरेज डिवाइस को ‘Project Silica’ के तहत डेवलप किया है। इस स्टोरेज डिवाइस की खास बात ये है कि इसमें सदियों तक डेटा सुरक्षित किया जा सकता है। यह खास टेक्नोलॉजी लेजर-मोडिफाइड ग्लास स्टोरेज पर बेस्ड है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!कभी डिलीट नहीं होगा डेटा
Gizmodo की रिपोर्ट के मुताबिक, इस ग्लास स्टोरेज डिवाइस की खास बात ये है कि इसमें रिकॉर्ड किया गया डेटा कभी भी डिलीट नहीं किया जा सकता है। इस ग्लास को लेजर के जरिए तैयार किया गया है। इस सिस्टम को सिलिका का नाम दिया है। इसमें बेहद पतले बोरोसिलिका ग्लास मटीरियल यूज किया गया है, जिसकी मोटाई महज 2mm यानी 0.08 इंच है। इसमें लाइट की प्रॉपर्टी का इस्तेमाल करके डेटा स्टोर किया जाता है।
साइंटिस्ट द्वारा पब्लिश किए गए जर्नल के मुताबिक, इस ग्लास सिलिका स्टोरेज चिप को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि इसमें स्टोर किया गया डेटा लगभग 10 हजार साल तक सुरक्षित रह सकता है। रेगुलर हार्ड डिस्क की तरह इसका डेटा जब चाहे डिलीट नहीं किया जा सकता है। इसका मतलब है कि एक बार अगर कोई डेटा स्टोर हो गया, वो इसमें हमेशा के लिए स्टोर हो जाता है।
क्या है सिलिका?
Silica एक ऐसा मटिरियल है, जो सभी तरह के क्षति पहुंचाने वाले खतरों को झेल सकता है। इसे न तो आग और न ही पानी से खराब किया जा सकता है। इसके अलावा यह मटीरियल माइक्रोवेब रेडिएशन और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक पल्स को भी झेल सकता है। इसमें लाइट के Voxels में मौजूद वेबलेंथ या एक 3D पिक्सल के जरिए डेटा रिकॉर्ड किया जाता है। यह ग्लास चिप एक बार में 4.8 टेराबाइट डेटा स्टोर कर सकता है। इसमें लगभग 20 लाख प्रिंटेड बुक को स्टोर किया जा सकता है। वहीं, इस स्टोरेज में 5,000 UHD क्वालिटी की मूवीज स्टोर करने की क्षमता है।
कैसे करता है काम?
ग्लास चिप पर ऑस्ट्रेलिया के Swinburne यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी के ऑप्टिकल फिजिसिस्ट James Chon और Peter Kazansky ने काम किया है। प्रोजेक्ट सिलिका के रिसर्च डायरेक्टर रिचर्ड ब्लैक ने बताया कि माइक्रोसॉफ्ट ने ग्लास ट्राइलोजी को स्टडी करके इस स्टोरेज डिवाइस को डेवलप किया है। ग्लास स्टोरेज डिवाइस में 3D शेप (Voxels) का इस्तेमाल करके एआई एग्लोरिदम के जरिए डेटा स्टोर किया जा सकता है।

