
आज का सवाल: स्मार्टफोन्स चौकोर क्यों नहीं होते? 4 प्रमुख कारण
Smartphones Design: क्या आपके मन में कभी यह सवाल आया है कि सभी स्मार्टफोन्स एक जैसे क्यों होते हैं। वह आयताकार ही क्यों बनाए जाते हैं। कोई स्मार्टफोन चौकोर या गोलाकार क्यों नहीं होता? रेडिट और क्वोरा पर एक्सपर्ट का कहना है कि स्मार्टफोन्स को आयताकार बनाने की वजह आप और हम ही हैं। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि उसे आसानी से पकड़ा जा सके। वह जेब में अच्छे से फिट हो जाए। इसके साथ ही वीडियोज देखने के लिए भी आयताकार डिस्प्ले ही बेहतर होता है, इसीलिए हमारे टीवी और सिनेमाहॉल का पर्दा भी आयताकार होता है। आइए जानते हैं 4 प्रमुख कारण, जो किसी स्मार्टफोन को चौकोर बनने से रोकते हैं
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!पकड़ने में सुविधाजनक
आप खुद ही सोचिए कि आपके हाथ में कैसा गैजेट अच्छे से पकड़ बनाएगा। आयताकार या चौकोर। क्योंकि हमारी हथेलियां लंबी और आयताकार रूप लिए होती हैं, इसलिए स्मार्टफोन आयताकार होने से वह हाथ में अच्छे से ग्रिप बनाता है। हाल के वर्षों में फोल्डेबल फोन्स ने इस रिवाज काे तोड़ने की कोशिश की है और आयताकार व चौकोर मिक्स डिजाइन दिया है। इसी वजह से फोल्डेबल फोन को चलाने के लिए दोनों हाथ इस्तेमाल करने पड़ते हैं। एक्सपर्ट का कहना है कि आयताकार डिजाइन के कारण फोन ना सिर्फ हाथ में अच्छी ग्रिप बनाते हैं, बल्कि उन्हें जेब में रखना भी सुविधाजनक हो जाता है।
मीडिया एक्सपीरियंस
सिनेमाहॉल का पर्दा आयताकार होता है। हमारे घरों में लगे स्मार्ट टीवी आयताकार होते हैं तो अगर स्मार्टफोन चौकोर होगा, उसमें फिल्में, वीडियो देखने का मजा खराब हो जाएगा। एक्सपर्ट कहते हैं कि ज्यादातर फिल्में, वीडियो और गेम्स 16:9 या 20:9 रेश्यो में बनाए जाते हैं जो आयताकार स्क्रीन में सबसे बेहतर दिखते हैं। अगर डिस्प्ले चौकोर होगा तो ऊपर और नीचे ब्लैक स्पेस दिखेगा। याद कीजिए जब CRT यानी डिब्बा टीवी चलते थे, तो कुछ फिल्में टीवी में बीच की स्क्रीन पर आयताकार फॉर्मेट में आती थीं। हम कहते थे कि वह नई फिल्म है, इसलिए ऐसी दिख रही है। सच्चाई यह है कि उसका एस्पेक्ट रेश्यो अलग था, जिसे CRT टीवी की पूरी स्क्रीन में दिखाना नामुमकिन था।
डिवाइस की सिक्योरिटी
एक्सपर्ट कहते हैं कि आयताकार डिजाइन और डिस्प्ले किसी डिवाइस को ज्यादा सिक्योरिटी देता है। स्मार्टफोन के मामले में भी ऐसा ही है। उनका कहना है कि अगर स्मार्टफोन का डिजाइन चौकोर होगा तो उसका डिस्प्ले, फोन गिरने पर टूट सकता है। वहीं, आयताकार डिजाइन के साथ फोन के कॉर्नरों को गोल शेप दे दिया जाता है, जिससे डिवाइस की ड्यूरेबिलिटी बनी रहती है।
नहीं जमता लुक
किसी भी चौकोर डिवाइस का लुक बिलकुल नहीं जंचता। फोल्डेबल फोन के बहुत सफल ना होने की एक वजह यह भी है कि कीमत के साथ-साथ उनका डिजाइन तब अटपटा हो जाता है जब स्क्रीन को अनफोल्ड किया जाता है। एक आयताकार गैजेट हाथ में अधिक फिट होता है। जेब में कम्फर्ट रहता है। उसे एक हाथ से ऑपरेट करना आरामदायक हो जाता है। ये चार प्रमुख कारण हैं जिनकी वजह से सभी स्मार्टफोन कंपनियां आयताकार फोन बनाती आई हैं और आजतक इसके मूल स्वरूप को छेड़ने की हिम्मत नहीं जुटा सकी हैं।

