
असम, केरल और पुडुचेरी में ईवीएम-वीवीपैट का पहला रैंडमाइजेशन पूरा हुआ : चुनाव आयोग
चुनाव आयोग ने शनिवार को जानकारी दी कि असम, केरल और पुडुचेरी में पहला रैंडमाइजेशन पूरा हो गया है। आयोग ने असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की विधानसभाओं के लिए आम चुनाव व 6 राज्यों में उपचुनावों का कार्यक्रम 15 मार्च को घोषित किया था।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!ईवीएम को दो चरणों वाली रैंडमाइजेशन प्रक्रिया के माध्यम से उनके संबंधित मतदान केंद्रों को आवंटित किया जाता है। पहले चरण में जिला स्तर के गोदामों से विधानसभा क्षेत्रों को ईवीएम का रैंडम आवंटन किया जाता है जबकि दूसरे चरण में एसी स्तर से मतदान केंद्र स्तर तक ईवीएम का रैंडम आवंटन किया जाता है।
चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार, सभी चुनाव वाले राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ) को प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) पास कर चुकी ईवीएम-वीवीपैट मशीनों का पहला रैंडमाइजेशन पूरा करना होगा। असम, केरल और पुडुचेरी के आम चुनाव के साथ ही गोवा, कर्नाटक, नागालैंड और त्रिपुरा में होने वाले उपचुनावों के लिए ईवीएम का पहला रैंडमाइजेशन पूरा कर लिया गया है।
पहला रैंडमाइजेशन राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में डीईओ की ओर से ईवीएम प्रबंधन प्रणाली (ईएमएस) के माध्यम से किया गया। निर्वाचन क्षेत्रवार रैंडमाइजेशन से चयनित ईवीएम और वीवीपैट की सूचियां सभी राष्ट्रीय और राज्य मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ उनके संबंधित जिला मुख्यालयों पर साझा की गई हैं।
इन ईवीएम और वीवीपैट को संबंधित विधानसभा के स्ट्रांग रूम में राष्ट्रीय और राज्य मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में सुरक्षित रखा जाएगा। चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की सूची को अंतिम रूप देने के बाद, पहली और दूसरी रैंडमाइजेशन से चयनित ईवीएम और वीवीपैट की सूची भी सभी चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के साथ साझा की जाएगी।

