छत्तीसगढ़

अब देश के लिए मरने की नहीं, बल्कि अच्छा कार्य करते हुए देश के लिए जीने की जरूरत: सांसद बृजमोहन

रायपुर। वंदे मातरम् 150 साल बाद भी भारत को एकसूत्र में बांधने का मंत्र है। जब भी हमे भारत के प्रति प्यार और एकजुटता दिखानी होती है । हम वंदे मातरम् का जयघोष करते हैं। वंदे मातरम् को सभी स्कूल- कॉलेजों में अनिवार्य करके प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने वास्तविक रूप से इस गाने को सम्मान दिया है।

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यह बात सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल का जिन्होंने शनिवार को वृंदावन हाल में वंदे मातरम् के 150 वीं वर्षगांठ पर आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में कही।कार्यक्रम में 150वीं वर्षगांठ पर 15 जनवरी को रायपुर लोकसभा क्षेत्र में 5 लाख विद्यार्थियों द्वारा किए गए सामूहिक वंदे मातरम् गान पर मुख्य कार्यक्रम स्थल सुभाष स्टेडियम में आयोजित में सांस्कृतिक देशभक्ति कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले
प्रतिभावान विद्यार्थियों, कलाकारों एवं संस्थाओं को सम्मानित किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद  बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि, हम सब बचपन से स्कूलों में ‘जन गण मन’ गाते आए हैं, परंतु ‘वंदे मातरम्’ देश के क्रांतिवीरों का गीत रहा है। यह गीत आज़ादी के दीवानों का गीत था, लोगों को मर-मिटने के लिए प्रेरित करने वाला गीत था, अंग्रेजों को परेशान करने वाला गीत था और क्रांतिकारियों में जोश भरने वाला गीत था। यह देश की आज़ादी के लिए जन-जन के मन में उत्साह और देशभक्ति की भावना जागृत करने वाला गीत रहा है।

आज समय बदल चुका है। उस समय ‘देश के लिए मरना सीखो’ की भावना थी, लेकिन आज आवश्यकता है ‘देश के लिए जीना सीखो’ की। अब देश के लिए मरने की नहीं, बल्कि अच्छा कार्य करते हुए देश के लिए जीने की जरूरत है।

बृजमोहन ने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में इस महान गीत को उचित सम्मान मिल रहा है। यह वही गीत है जिसने हमें आज़ादी दिलाई, जिसने देशभक्ति की भावना पैदा की और लाखों लोगों को फांसी के फंदे पर झूलने के लिए भी प्रेरित किया। ऐसे गौरवशाली गीत का सम्मान होना चाहिए और देश के जन-जन में इसकी भावना जागृत होनी चाहिए।

इसी उद्देश्य से ‘वंदे मातरम्’ के 150वें वर्ष के अवसर पर पूरे देश में जागरण का कार्यक्रम चलाया जा रहा है। सरकार द्वारा भी निर्देश जारी किए गए हैं कि बड़े आयोजनों में वंदे मातरम् का गायन किया जाए, ताकि नई पीढ़ी में देशभक्ति की भावना विकसित हो सके।

रायपुर में भी इसी भावना के साथ 15 जनवरी को सामूहिक वंदे मातरम् गायन किया गया था। 5 लाख लोगों ने एक साथ 12 बजकर 55 मिनट पर ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन किया। यह देश में अपने आप में एक ऐतिहासिक और सबसे बड़ा आयोजन रहा। इस सामूहिकता ने यह सिद्ध किया कि एकता ही भारत की सबसे बड़ी ताकत है। जब बच्चों को यह अनुभव हुआ कि वे इस 5 लाख के समूह का हिस्सा हैं, तो उनके भीतर गर्व और गौरव की भावना विकसित हुई।

सुभाष स्टेडियम में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम भी अत्यंत अलौकिक रहे, जिनकी सभी ने सराहना की। इन कार्यक्रमों में भाग लेने वाले प्रतिभावान बच्चों एवं संस्थाओं को सम्मानित करना हम सभी के लिए गौरव और गर्व का क्षण है।
इस अवसर पर सांसद  बृजमोहन अग्रवाल ने सभी प्रतिभागियों, आयोजकों और संस्थाओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम में  राम संगीत महाविद्यालय, मैट्स यूनिवर्सिटी, डिग्री गर्ल्स कॉलेज, गुरुकुल कॉलेज, डागा गर्ल्स कॉलेज, देवेन्द्रनगर गर्ल्स कॉलेज,  बालाजी नर्सिंग कॉलेज,  नारायणा नर्सिंग कॉलेज, दिशा नर्सिंग कॉलेज, सीजी नर्सिंग कॉलेज, कोलंबिया नर्सिंग कॉलेज, शहीद नंदकुमार पटेल शासकीय महाविद्यालय, कृष्णा पब्लिक स्कूल सरोना एवं जवाहर नवोदय विद्यालय माना के विद्यार्थियों का सम्मान किया गया ।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि उरला इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष अश्वनी गर्ग एवं छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ़ कॉमर्स के कार्यकारी अध्यक्ष  जसप्रीत सलूजा थे । कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम संयोजक दानसिंह देवांगन ने किया और आभार प्रदर्शन कार्यक्रम प्रभारी संजय जोशी ने किया। इस अवसर पर वरिष्ठ समाजसेवी राकेश मिश्रा, अमित डोये, सुप्रसिद्ध नृत्यांगना स्वप्निल करमहे एवं परमिंदर कौर आदि उपस्थित थे ।

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