
बरनाला में ”गौ माता” पर भद्दी टिप्पणी से बवाल, भड़के हिंदू संगठन ने दी सख्त चेतावनी
बरनाला : पंजाब के बरनाला में उस समय माहौल गरमा गया जब एक विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंदू आस्था के केंद्र ‘गौ माता’ पर की गई एक बेहद भद्दी टिप्पणी ने सांप्रदायिक तनाव पैदा कर दिया। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के प्रांतीय नेता नीलमणि समाधिया ने पुलिस प्रशासन की ढीली कार्रवाई पर कड़ा ऐतराज जताते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि वे धार्मिक अपमान को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे।
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घटना का विवरण: सरेआम दी गौ मांस खाने की सलाह
मामला बरनाला के एक प्रमुख शोरूम के बाहर का है, जहाँ हिंदू संगठन शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज करा रहे थे। इसी बीच एक व्यक्ति ने बीच में आकर न केवल व्यवधान डाला, बल्कि वहां मौजूद कार्यकर्ताओं और मीडिया के सामने बेहद आपत्तिजनक शब्द कहे। नीलमणि समाधिया के अनुसार, उस व्यक्ति ने नशे की हालत में उकसाते हुए कहा कि “गौ मांस खाया करो, यह बहुत स्वादिष्ट होता है।” यह सुनते ही प्रदर्शनकारी भड़क गए। कार्यकर्ताओं ने मौके पर ही उस व्यक्ति को दबोच लिया। समाधिया का आरोप है कि यह सब पुलिस की मौजूदगी में हुआ, फिर भी प्रशासन ठोस कार्रवाई करने से कतरा रहा है।
पुलिस की कार्रवाई पर उठाए गंभीर सवाल
हिंदू नेताओं का गुस्सा इस बात पर है कि पुलिस ने इस गंभीर धार्मिक अपमान को महज एक “साधारण झगड़ा” मानकर निपटाने की कोशिश की है। नीलमणि समाधिया ने प्रशासन को चुनौती देते हुए कहा प्रशासन ने आरोपी पर केवल धारा 7/51 के तहत खानापूर्ति की है। हमने जो उसके साथ व्यवहार किया, वह एक गौ-भक्त को करना ही चाहिए था। पुलिस चाहे तो हम पर मारपीट का पर्चा दर्ज कर दे, हमें जेल भेज दे, उसकी हमें परवाह नहीं। लेकिन जिसने हमारी आस्था को ठेस पहुंचाई है, उस पर धारा 295-A (धार्मिक भावनाओं को आहत करना) लगनी ही चाहिए।”
मेडिकल रिपोर्ट में नशे की पुष्टि
समाधिया ने बताया कि पकड़े गए व्यक्ति का जब मेडिकल करवाया गया, तो उसमें उसके शराब पिए होने की पुष्टि हुई है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर प्रशासन को और कितने सबूत चाहिए? जब मीडिया और पुलिस के सामने यह अपमानजनक कृत्य हुआ, तो आरोपी को मामूली धाराओं में राहत देना हिंदू समाज का अपमान है।
बड़े आंदोलन की चेतावनी
हिंदू संगठनों ने दो-टूक शब्दों में कहा है कि बरनाला पुलिस इस मामले की गंभीरता को समझे। यदि आरोपी पर कड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे जेल नहीं भेजा गया, तो विहिप और बजरंग दल सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मानसिक रूप से बीमार और असामाजिक तत्वों के खिलाफ मिसाल कायम की जाए ताकि भविष्य में कोई भी देवी-देवताओं या गौ माता के विरुद्ध अपशब्द बोलने की हिम्मत न कर सके। फिलहाल, पुलिस प्रशासन मामले की जांच की बात कह रहा है, लेकिन शहर में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।

