
मध्य प्रदेश में मौसम के दो सिस्टम सक्रिय, 13 जिलों में आज तेज आंधी-बारिश का अलर्ट, कल से बढ़ेगी गर्मी
भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम लगातार करवट बदल रहा है। प्रदेश के मध्य हिस्से से दो ट्रफ लाइन गुजर रही हैं, जबकि ऊपरी स्तर पर सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण के कारण कई इलाकों में आंधी और बारिश का असर बना हुआ है। शुक्रवार को 20 से अधिक जिलों में मौसम बदला रहा, वहीं आज शनिवार के लिए 13 जिलों में तेज आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मौसम विभाग के मुताबिक शनिवार को नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया, शहडोल, सीधी और सिंगरौली जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है। जबलपुर, नर्मदापुरम और रीवा संभाग में इसका असर ज्यादा देखने को मिल सकता है।
शुक्रवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम का अलग-अलग रूप देखने को मिला। कहीं तेज गर्मी रही तो कहीं आंधी और हल्की बारिश हुई। सिवनी, छिंदवाड़ा, रायसेन, सागर, दमोह, बालाघाट, भोपाल, देवास, खरगोन, राजगढ़, विदिशा, टीकमगढ़, अशोकनगर, शिवपुरी, बैतूल, नरसिंहपुर, मंडला, पांढुर्णा, डिंडौरी और अनूपपुर समेत कई जिलों में तेज हवाएं और बूंदाबांदी दर्ज की गई।
दूसरी ओर, कई शहरों में गर्मी भी तेज रही। रतलाम प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। शाजापुर में पारा 42.6 डिग्री तक पहुंचा। बड़े शहरों की बात करें तो उज्जैन में 42.4 डिग्री, इंदौर और भोपाल में 41.2 डिग्री, जबलपुर में 38.8 डिग्री और ग्वालियर में 37.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
मौसम विभाग का कहना है कि इस बार मई की शुरुआत से ही मौसम सामान्य नहीं रहा। आमतौर पर मई के शुरुआती दिनों में तेज गर्मी पड़ती है, लेकिन इस बार प्रदेश में लगातार आंधी, बारिश और कई जगह ओलावृष्टि देखने को मिली। इसके पीछे वेस्टर्न डिस्टरबेंस, ट्रफ और चक्रवाती सिस्टम को मुख्य वजह माना जा रहा है। हालांकि, मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि शनिवार के बाद तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होगी। रविवार से प्रदेश के ज्यादातर शहरों में दिन के तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक इजाफा हो सकता है।
विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है। बिजली चमकने और तेज आंधी के समय खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने को कहा गया है। साथ ही बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान होने की आशंका भी जताई गई है।

