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शाहरुख खान की वो 5 फिल्में जहां किंग खान ने प्यार और अपनों के लिए दे दी सबसे बड़ी ‘कुर्बानी’

Shah Rukh Khan Films: बॉलीवुड के ‘किंग ऑफ रोमांस’ शाहरुख खान ने अपनी शानदार एक्टिंग और प्यार भरी मुस्कान से रोमांस की परिभाषा बदल दी है. उनके 30 साल से ज्यादा के फिल्मी करियर में कई ऐसी ब्लॉकबस्टर फिल्में भी शामिल हैं, जिनमें उनके किरदारों ने अपनों की खुशी, प्यार और देश के लिए ऐसी बड़ी ‘कुर्बानी’ दी. चाहे वो ‘कल हो ना हो’ के अमन का हंसते-हंसते दुनिया को अलविदा कहना हो या ‘वीर-जारा’ के वीर का जिंदगी के 22 साल पाकिस्तान की जेल में गुजार देना.

शाहरुख खान के कई सारे ऐसे किरदार हैं जिन्हें खूब पसंद किया जाता है और सच कहें तो अपने किरदारों के दम पर ही वे लोगों के दिलों में जगह बना पाए हैं और आज दुनियाभर में इतना पसंद किए जाते हैं. आइए जानते हैं कि उनके 5 ऐसे कौन से किरदार हैं जिसमें उन्होंने कुर्बानी दी और उनके इन्हीं किरदारों के लिए लोगों के मन में गहरी संवेदनाएं हैं.

कल हो ना हो

साल 2003 में आई निखिल आडवाणी की चर्चित फिल्म ‘कल हो ना हो’ में शाहरुख खान ने ‘अमन माथुर’ का दिलचस्प किरदार निभाया था. इस फिल्म में अमन को पता चल जाता है कि उसे दिल की एक बीमारी है और उसके पास जीने के लिए बहुत कम वक्त है. वैसे तो वो नैना (प्रीति जिंटा) से बेपनाह मोहब्बत करता है, लेकिन अपनी मौत को नजदीक देख वो अपने प्यार की कुर्बानी दे देता है. फिल्म में अमन न सिर्फ अपने जज्बात छुपाता है, बल्कि नैना की शादी उसके बेस्ट फ्रेंड रोहित (सैफ अली खान) से कराने के लिए दिन-रात एक कर देता है. फिल्म का आखिरी सीन, जहां अमन अस्पताल के बिस्तर पर दम तोड़ता है, आज भी दर्शकों को रुला देता है.

वीर-जारा

यश चोपड़ा के निर्देशन में बनी फिल्म ‘वीर-ज़ारा‘ (2004) सरहद पार की एक ऐसी प्रेम कहानी है, जो पूरी तरह से वीर और जारा के त्याग और समर्पण पर टिकी हुई है. भारतीय वायुसेना के स्क्वाड्रन लीडर वीर प्रताप सिंह (शाहरुख खान) को पाकिस्तानी लड़की जारा हयात खान (प्रीति जिंटा) से प्यार हो जाता है.

जारा के पॉलिटिकल फैमिली की बदनामी न हो और उसकी शादीशुदा जिंदगी बची रहे, इसके लिए वीर एक झूठे केस में फंसकर चुपचाप जेल जाता है. वो इस दौरान अपना नाम तक बदल लेता है ताकि जारा पर कोई आंच न आए. एक बेकसूर आशिक अपनी जिंदगी के सबसे खूबसूरत 22 साल पाकिस्तान की एक अंधेरी जेल में सिर्फ इसलिए कुर्बान कर देता है ताकि उसका प्यार महफूज रहे.

Shah Rukh Khan Photos

दिल से..

मणिरत्नम की कल्ट क्लासिक फिल्म ‘दिल से’ (1998) में शाहरुख खान ने ऑल इंडिया रेडियो के पत्रकार अमरकांत वर्मा (अमर) का किरदार निभाया था. अमर को एक लड़की मेघना (मनीषा कोइराला) से प्यार हो जाता है, जो बाद में एक आतंकवादी संगठन की सुसाइड बॉम्बर निकलती है.

अमर के सामने एक तरफ उसका पागलपन वाला प्यार था और दूसरी तरफ देश की सुरक्षा. फिल्म के क्लाइमेक्स में, जब मेघना गणतंत्र दिवस की परेड में खुद को उड़ाने जा रही होती है, अमर उसे कसकर गले लगा लेता है. अपने देश को बड़े विनाश से बचाने के लिए मेघना के आत्मघाती जैकेट के साथ खुद को भी उड़ा देता है. प्यार की ऐसी दर्दनाक कुर्बानी शायद ही किसी ने देखी होगी.

स्वदेस

आशुतोष गोवारिकर की फिल्म ‘स्वदेस’ (2004) में शाहरुख खान ने ‘मोहन भार्गव’ नाम के एक प्रोजेक्ट मैनेजर का किरदार निभाया था, जो अमेरिका की स्पेस एजेंसी नासा (NASA) में काम करता है. मोहन के पास पैसा, शोहरत, बड़ी गाड़ी और अमेरिका में एक आलीशान जिंदगी थी.

लेकिन जब वह अपनी कावेरी अम्मा को लेने अपने गांव ‘चरनपुर’ आता है, तब वहां की गरीबी, बिजली की समस्या और जातिवाद देखकर उसका दिल पिघल जाता है. मोहन अमेरिका की अपनी शानदार नौकरी, बड़ा करियर और ऐशो-आराम की जिंदगी को भारत के ग्रामीण विकास के लिए हमेशा के लिए कुर्बान कर देता है और अपने देश लौट आता है.

5. कभी खुशी कभी गम

साल 2001 में रिलीज हुई करण जौहर की फिल्म ‘कभी खुशी कभी गम’ में शाहरुख खान ने ‘राहुल रायचंद’ का किरदार निभाया था. राहुल बेहद अमीर बिजनेसमैन यशवर्धन रायचंद (अमिताभ बच्चन) का गोद लिया बेटा है. राहुल को एक मध्यमवर्गीय परिवार की लड़की अंजली (काजोल) से प्यार हो जाता है.

जब उसके पिता इस शादी के खिलाफ होते हैं और राहुल को अहसास दिलाते हैं कि वो उनका सगा बेटा नहीं है, तो राहुल अपने माता-पिता के सम्मान और घर की शांति के लिए चुपचाप घर छोड़ देता है. वो अपने पिता से बहस नहीं करता, बल्कि खुद को उस आलीशान रायचंद एम्पायर से अलग कर लेता है. अपनों से दूर रहकर 10 साल तक बिछड़ने का ये गम सहना भी परिवार के लिए राहुल की एक बड़ी कुर्बानी थी.

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