
सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम के 30 साल पूरे.. एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने खुद लड़ाकू विमान में उड़कर मनाया जश्न
भारतीय वायुसेना की ‘सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम’ (SKAT) ने आसमान में अपनी बहादुरी और करतब के 30 साल पूरे कर लिए हैं. इस ऐतिहासिक मौके को मनाने के लिए वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह और ट्रेनिंग कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (AOC-in-C) एयर मार्शल एस श्रीनिवास बीदर एयरफोर्स स्टेशन पहुंचे. इस जश्न की सबसे खास बात ये रही कि वायुसेना प्रमुख और एओसी-इन-चीफ दोनों ने सिर्फ जमीन से यह करतब नहीं देखा, बल्कि खुद इस फॉर्मेशन का हिस्सा बनकर आसमान में उड़ान भरी.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!आसमान में दिखा 9 विमानों का रोमांचक करतब
समारोह के दौरान सूर्यकिरण टीम ने अपने 9 हॉक (Hawk) विमानों के साथ आसमान में दिल दहला देने वाले और बेहद सटीक एरोबैटिक करतब दिखाए. वायुसेना प्रमुख और एयर मार्शल एस श्रीनिवास के इस उड़ान में शामिल होने से पूरी टीम का हौसला दोगुना हो गया. हवा में जेट विमानों के बीच की कम दूरी और उनके हैरतअंगेज मोड़ों ने वायुसेना की सटीकता, प्रोफेशनलिज्म और जांबाज ऊंचाइयों को बखूबी पेश किया.
क्यों खास है सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम (SKAT)?
- स्थापना: इस टीम का गठन साल 1996 में हुआ था. आज यह दुनिया की चुनिंदा 9-विमानों वाली एरोबैटिक टीमों में से एक है.
- वायुसेना का चेहरा: सूर्यकिरण टीम को भारतीय वायुसेना का ‘एम्बेसडर’ भी कहा जाता है, जो देश-विदेश में अपनी उड़ानों से युवाओं को वायुसेना में आने के लिए प्रेरित करती है.
- असंभव को संभव करना: हवा में बेहद तेज रफ्तार (लगभग 700-800 किमी/घंटा) से उड़ते हुए ये विमान आपस में महज कुछ मीटर की दूरी बनाकर चलते हैं, जो पायलट के गजब के तालमेल को दिखाता है.
इस मौके पर वायुसेना प्रमुख ने टीम को बधाई दी और कहा कि सूर्यकिरण की यह 30 साल की यात्रा भारतीय वायुसेना के अनुशासन, अटूट भरोसे का जीता-जागता सबूत है.

