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पीएम मोदी ने साझा किया संस्कृत सुभाषित, कहा-सम्मान से बढ़ता है आत्मविश्वास और नई ऊर्जा का संचार

पीएम मोदी ने साझा किया संस्कृत सुभाषित, कहा-सम्मान से बढ़ता है आत्मविश्वास और नई ऊर्जा का संचार

नई दिल्ली, । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक प्रेरणादायक संस्कृत सुभाषित साझा करते हुए सम्मान और आत्मविश्वास के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि जब किसी व्यक्ति को प्रेम, सम्मान और स्वीकार्यता मिलती है, तो उसके भीतर आत्मविश्वास का संचार होता है और वह नई ऊर्जा तथा उत्साह के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित होता है।

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प्रधानमंत्री मोदी ने अपने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा कि प्यार-भरे सम्मान और स्वीकार किए जाने की भावना से व्यक्ति को गर्व और संतुष्टि का अनुभव होता है। यह भावना न केवल उसके आत्मविश्वास को मजबूत करती है, बल्कि जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और उत्साह भी भरती है। उन्होंने कहा कि श्रेष्ठ व्यक्तियों द्वारा दिया गया सम्मान अक्सर किसी व्यक्ति को उसके अपने गुणों और क्षमताओं पर भरोसा करने की प्रेरणा देता है।

पीएम मोदी ने संस्कृत का एक श्लोक साझा किया, “त्वत्संभावितमात्मानं बहुमन्यामहे वयम्। प्रायः प्रत्ययमाधत्ते स्वगुणेषूत्तमादरः॥”

इसके साथ उन्होंने इसका हिंदी भावार्थ भी प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि जब किसी व्यक्ति को आदरपूर्वक स्वीकार किया जाता है, तो वह स्वयं को गौरवान्वित और धन्य महसूस करता है। श्रेष्ठ व्यक्तियों द्वारा प्रदान किया गया सम्मान मनुष्य के भीतर उसके अपने गुणों के प्रति विश्वास को और अधिक दृढ़ बनाता है और उसे बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करता है।

प्रधानमंत्री समय-समय पर अपने सोशल मीडिया माध्यमों के जरिए संस्कृत साहित्य, भारतीय ज्ञान परंपरा और प्रेरणादायक विचारों को साझा करते रहते हैं। उनके इन संदेशों का उद्देश्य भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत को जन-जन तक पहुंचाना और जीवन मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाना माना जाता है।

इससे एक दिन पहले, मंगलवार को भी प्रधानमंत्री मोदी ने एक प्रसिद्ध संस्कृत श्लोक, “सहसा विदधीत न क्रियामविवेकः परमापदां पदम्। वृणते हि विमृश्यकारिणं गुणलुब्धाः स्वयमेव सम्पदः॥, साझा किया था।

इस श्लोक का अर्थ बताते हुए उन्होंने कहा था कि किसी भी कार्य को बिना सोचे-समझे नहीं करना चाहिए, क्योंकि अविवेकपूर्ण निर्णय बड़ी समस्याओं और विपत्तियों का कारण बन सकते हैं। वहीं, जो व्यक्ति धैर्य और विवेक के साथ सोच-विचार कर निर्णय लेता है, सफलता और समृद्धि स्वयं उसका साथ देती है।

प्रधानमंत्री के ये संदेश जीवन में विवेक, आत्मविश्वास, सम्मान और सकारात्मक सोच के महत्व को उजागर करते हैं तथा लोगों को बेहतर जीवन मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं।

 

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