
ककहरा से एआई तक… 200 वर्षों की हिंदी पत्रकारिता का जीवंत दस्तावेज ‘समागम’ रायपुर प्रेस क्लब को भेंट
वरिष्ठ साहित्यकार गिरीश पंकज ने रायपुर प्रेस क्लब की लाइब्रेरी के लिए उपलब्ध कराई 'समागम' की प्रतियां
हिंदी पत्रकारिता के दो शताब्दियों के इतिहास, संघर्ष और बदलते स्वरूप पर केंद्रित है विशेषांक
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!रायपुर : हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में हिंदी पत्रकारिता जगत इसे उत्साह पूर्वक मना रहा है इसी कड़ी में जानी मानी हिंदी पत्रिका ‘समागम’ ने ने हिंदी पत्रकारिता के दो शताब्दी वर्ष पर आधारित विशेषांक प्रकाशित किया है जिसकी प्रतियां वरिष्ठ साहित्यकार एवं मूर्धन्य पत्रकार गिरीश पंकज ने आज रायपुर प्रेस क्लब को भेंट कीं। यह विशेषांक हिंदी पत्रकारिता की दो शताब्दियों की गौरवगाथा, उसके संघर्ष, विकास और बदलते स्वरूप का शोधपरक दस्तावेज पर आधारित है इस अवसर पर गिरीश पंकज ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता ने अपने 200 वर्षों के सफर में ककहरा से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तक की ऐतिहासिक यात्रा तय की है। यह केवल तकनीकी परिवर्तन की कहानी नहीं, बल्कि त्याग, समर्पण, संघर्ष और सामाजिक सरोकारों की प्रेरणादायी यात्रा भी है।
उन्होंने बताया कि ‘समागम’ के संपादक प्रो मनोज कुमार द्वारा प्रकाशित यह विशेषांक हिंदी पत्रकारिता की द्वि-शताब्दी को समर्पित है। इसमें विभिन्न विद्वानों, पत्रकारों और लेखकों के शोधपरक आलेखों के माध्यम से हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्षों के विकासक्रम को प्रस्तुत किया गया है। विशेषांक में प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, डिजिटल एवं सोशल मीडिया के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में पत्रकारिता के बदलते स्वरूप और चुनौतियों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला गया है। इस अवसर पर रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता की 200 वर्षों की गौरवशाली यात्रा वर्तमान पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। पत्रकारिता के मूल्यों, संघर्षों और सामाजिक दायित्वों को समझने के लिए ऐसे दस्तावेज अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से रायपुर प्रेस क्लब ने हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने पर ‘पत्रकारिता गौरव मार्तंड उत्सव’ का भव्य आयोजन किया था, जिसमें देश के प्रतिष्ठित एवं वरिष्ठ पत्रकारों ने भाग लेकर इस ऐतिहासिक उपलब्धि का उत्सव मनाया।
मोहन तिवारी ने ‘समागम’ की प्रतियां उपलब्ध कराने के लिए गिरीश पंकज एवं संपादक प्रो. मनोज कुमार के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने सभी पत्रकारों और साहित्यकारों से रायपुर प्रेस क्लब की लाइब्रेरी को उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक साहित्य से समृद्ध करने का आग्रह भी किया इस अवसर पर रायपुर प्रेस क्लब के महासचिव गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष दिलीप साहू, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु, सहसचिव निवेदिता साहू, भूपेश जांगड़े सहित बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित थे।

